नई दिल्ली, 20 दिसंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल में कामकाज शुरू होने पर आश्चर्य जताया और इसके लिए अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली दिल्ली सरकार की निंदा की।
दिल्ली सरकार ने जीवित नवजात को मृत बताए जाने को लेकर मैक्स अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया था। इसके बाद दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी, दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए) और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), सभी मैक्स अस्पताल के बचाव में उतर आए। डीएमए ने तो दिल्ली में तमाम चिकित्सा व्यवस्थाएं ठप्प कर देने की धमकी तक दे दी। इसके बाद वित्त आयुक्त और उपराज्यपाल अनिल बैजल ने लाइसेंस रद्द करने के केजरीवाल सरकार के आदेश पर रोक लगा दी। इस तरह बैजल ने मैक्स को कामकाज शुरू करने का मौका दे दिया। मैक्स को अब लापरवाही करते रहने और चिकित्सा सेवा के नाम पर मरीजों को जमकर लूटने का लाइसेंस फिर से मिल गया है।
केजरीवाल सरकार के आदेश पर रोक लगाकर उपराज्यपाल ने यह साबित कर दिया है कि उनके लिए मरीजों के साथ मैक्स अस्पताल में धोखाधड़ी, लापरवाही या जीवित को मरा बताए जाने का कोई अफसोस नहीं है, बल्कि मैक्स अस्पताल की कमाई बंद हो जाने की फिक्र ज्यादा थी।
मैक्स अस्पताल की तरफदारी करने वाले दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने लाइसेंस बहाल होने पर मौका देख उलटे केजरीवाल सरकार को ही कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली को बताना चाहिए कि उन्होंने मैक्स अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कानूनी तौर पर कमजोर मामला बनाने के लिए क्या सौदा किया, जिससे यह मामला एक तारीख पर भी टिक नहीं सका।”
उत्तर-पूर्व दिल्ली से भाजपा सांसद ने कहा, “शालीमार बाग मैक्स अस्पताल में चिकित्सकीय सेवाओं का बहाल होना हमारे लिए आश्चर्य की बात नहीं है, वास्तव में ऐसी ही उम्मीद थी।”
तिवारी की यह टिप्पणी मैक्स अस्पताल के बयान के बाद आई है। अस्पताल ने बुधवार को कहा कि केजरीवाल सरकार के 8 दिसंबर के आदेश पर वित्त आयुक्त की अदालत द्वारा मंगलवार को रोक लगाए जाने के बाद अस्पताल में कामकाज फिर से शुरू हो गया।
अस्पताल ने लाइसेंस रद्द किए जाने के आदेश पर रोक लगाने के लिए अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष अपील की थी। अपील सुनी गई और मैक्स के प्रति सहानुभूति दिखाई गई।
लाइसेंस रद्द करने वाले केजरीवाल की आलोचना करते हुए तिवारी ने कहा, “वह इस तरह की चालबाजियां करने के मास्टर हैं, जिससे वह राजनीतिक फायदे के लिए लोगों से भावनात्मक रूप से जुड़ सकें। कानूनी साक्ष्यों के बगैर इस तरह के प्रतिबंध का मकसद लोगों को गुमराह करना है।”
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने जिस सौदे का जिक्र किया है, उस पर शायद ही कोई यकीन करे। सौदेबाजी कर ‘तरफदारी’ की जाती है या लाइसेंस रद्द कर दी जाती है, यह कोई भी आसानी से समझ सकता है।
आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने 8 दिसंबर को शालीमार बाग के 250 बिस्तरों वाले मैक्स अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया था। सरकार ने अस्पताल द्वारा 30 नवंबर को एक जिंदा नवजात बच्चे को मृत बताकर पोलीथीन में पैक कर बच्चे के पिता को थमा दिया था। पिता जब नवजात बेटे को दफनाने गया, तो बेटे के शरीर में हरकत होती देख उसे दूसरा अस्पताल ले गया। वहां कई दिनों तक इलाज के बावजूद नवजात ने दम तोड़ दिया।
इससे पहले, मैक्स अस्पताल ने प्रसूता को 25-25 हजार के दो इंजेक्शन लगाए। प्रसूता ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। समय से पहले जन्मे दोनों बच्चे कमजोर थे। नवजात लड़की मृत पैदा हुई और लड़का जीवित था। लेकिन अस्पताल के कर्मी ने जीवित बच्चे को भी मृत बता दिया। इस कारनामे के बावजूद इस निजी अस्पताल पर मेहरबानी की गई है और भाजपा ने इस संवेदनशील मामले पर राजनीति करना उचित समझा है।
dharmpath.com dharmpath