इस दौरान अमेरिका-इजराइल मुदार्बाद के नारे लगाए गए। लखनऊ के दारूल शफा गेट पर आयोजित पुतला दहन कार्यक्रम का नेतृत्व राष्ट्रीय भागीदारी आन्दोलन के राष्ट्रीय संयोजक पीसी कुरील ने किया।
इस अवसर पर कुरील ने ट्रम्प के इस बयान की निन्दा करते हुए कहा कि ट्रम्प ने जेरूसलम को इजराइल की राजधानी घोषित कर दिया और अपना दूतावास जेरूसलम ले जाने का ऐलान कर दिया, पूरी दुनिया के लोग यह जानना चाहते हैं कि ट्रम्प ने किस हैसियत से यह फरमान सुनाया है। जबकि न तो अमेरिका का कोई हक है और न ही इजराइल का ही हक बनता है।
इसी क्रम में हाजी फहीम सिद्दीकी और मुहम्मद आफाक ने कहा कि अमेरिका ने अपनी अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए इजराइल के दबाव में आकर इस प्रकार का एलान किया है। हालांकि 1995 में अमेरिका यह तय कर चुका था कि जेरूसलम को इजराइल की राजधानी बनाना है। परन्तु पूर्व राष्ट्रपति ओबामा, जार्जबुश, क्लिन्टन हिम्मत नहीं जुटा पाए थे।
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