मायावती ने अपने बयान में बुधवार को कहा, “शहरी निकाय के चुनाव के बाद सस्ती राजनीति की शुरुआत स्वयं प्रधानमंत्री मोदी ने की जब उन्होंने केवल भाजपा के विजयी मेयरों को ‘प्रधानमंत्री निवास’ में दावत पर बुलाया।”
उन्होंने कहा कि भाजपा महापौरों के लिए अगर यह कार्यक्रम भाजपा के मुख्यालय में आयोजित किया जाता तो ठीक था, लेकिन प्रधानमंत्री निवास में इसका आयोजन हुआ जो बताता है कि उत्तर प्रदेश राजभवन की तरह भाजपा व आरएसएस की गतिविधि के लिए प्रधानमंत्री निवास का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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