नई दिल्ली, 8 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे 26वें विश्व पुस्तक मेले में पाकिस्तान का प्रकाशक नहीं पहुंचा। यह पाकिस्तान का इकलौता प्रकाशक था, जिसे पुस्तक मेले में आना था।
पाकिस्तान के कुछ प्रकाशकों का वितरक अल हसनात बुक्स प्राइवेट लिमिटेड अब अंतर्राष्ट्रीय पवेलियन में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर रहा है।
अल हसनात के फैसल फहीम ने आईएएनएस से कहा, “(दोनों) देशों के बीच मौजूद तनाव से हम वाकिफ हैं। वीजा हासिल करना मुश्किल है। इसके अलावा हमारे प्रकाशक अन्य देशों के पुस्तक मेलों में व्यस्त हैं।”
बीते साल भी पाकिस्तान के किसी प्रकाशक ने दिल्ली में विश्व पुस्तक मेले में हिस्सा नहीं लिया था और तब भी अल हसनात ने अपने देश का प्रतिनिधित्व इसमें किया था।
हालांकि, मेले के सह आयोजक नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) की तरफ से बीते सप्ताह एक संवाददाता सम्मेलन में बताया गया था कि एक पाकिस्तानी प्रकाशक इस बार पुस्तक मेले में भाग लेगा।
एनबीटी के एक अधिकारी ने कहा, “हो सकता है कि वीजे से जुड़ा कोई मामला हो। विश्व पुस्तक मेला सभी के लिए खुला है। हम किसी प्रकाशक को नहीं चुनते। किसी भी देश का कोई भी प्रकाशक अपना नाम दे सकता है।”
अन्य देशों के विपरीत स्टाल पर लगे बिलबोर्ड से पाकिस्तान का नाम गायब है और वहां केवल ‘बच्चों की किताबें’ लिखा हुआ है। पाकिस्तान का जिक्र केवल अंतर्राष्ट्रीय पवेलियन के बाहर के एक बोर्ड पर है। इस बारे में पूछे जाने पर एनबीटी अधिकारी ने कहा कि गलती से ऐसा हो गया होगा और ‘हम जल्द ही नाम जोड़ देंगे।’
फहीम ने कहा कि बिलबोर्ड आयोजकों ने दिया है और इस पर नाम न होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। जो किताबें लगाई जाती हैं, फर्क उनसे पड़ता है। हमारे पास पाकिस्तानी प्रकाशकों की हर तरह की किताबें हैं। हमें उम्मीद है कि लोग इन्हें पसंद करेंगे।
dharmpath.com dharmpath