उप्र : राज्यपाल ने 8 विधेयकों को दी मंजूरी

राज्यपाल ने जिन विधेयकों को मंजूरी दी है, उनमें उत्तर प्रदेश आधार (वित्तीय और अन्य सहायिकियों, प्रसुविधाओं और सेवाओं का लक्ष्यित परिदान) विधेयक 2017, व्यवसाय संघ (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक 2017, उत्तर प्रदेश चलचित्र (विनियमन) (संशोधन) विधेयक 2017, उत्तर प्रदेश प्रयागराज मेला प्राधिकरण इलाहाबाद विधेयक 2017, उत्तर प्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक 2017, उत्तर प्रदेश दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) (संशोधन) विधेयक 2017 और उत्तर प्रदेश निरसन विधेयक 2017 शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संशोधन) विधेयक 2017 द्वारा प्रदेश में स्थापित औद्योगिक विकास प्राधिकरणों की कार्यक्षमता बढ़ाने एवं उनकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से केंद्रीकृत सेवाएं सृजित करने तथा प्राधिकरण में पद धारण करने वाले व्यक्ति का दूसरे प्राधिकरण में स्थानांतरण करने के लिए पूर्व में अधिनियमित उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम 1976 में संशोधन किया गया है।

उत्तर प्रदेश आधार (वित्तीय और अन्य सहायिकियों, प्रसुविधाओं और सेवाओं का लक्ष्यित परिदान) विधेयक 2017 द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य की संचित निधि से वित्त पोषित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए ‘आधार’ के उपयोग करने विषयक है।

व्यवसाय संघ (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक 2017 द्वारा पूर्व में अधिनियमित अधिनियम में ‘धारा 8 क’ बढ़ाकर व्यवस्था की गई है कि व्यवसाय संघ के रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन प्राप्त होने पर रजिस्ट्रीकर्ता अधिकारी आवेदन तिथि से नब्बे दिन के भीतर उस पर निर्णय लेगा अन्यथा व्यवसाय संघ रजिस्ट्रीकृत किया समझा जाएगा।

उत्तर प्रदेश चलचित्र (विनियमन) (संशोधन) विधेयक 2017 द्वारा वर्तमान में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में हुए तीव्र विकास तथा निर्माण की तकनीकों में हुए परिवर्तन के कारण पूर्व में स्थापित इस आशय के अधिनियम में कतिपय धाराएं बढ़ाई गई हैं।

उत्तर प्रदेश प्रयागराज मेला प्राधिकरण इलाहाबाद विधेयक 2017 इलाहाबाद में संगम पर आयोजित किए जाने वाले महाकुंभ, कुंभ, माघ एवं अन्य मेलों के आयोजन के लिए सुदृढ़ व्यवस्था करने के उद्देश्य से ‘उत्तर प्रदेश प्रयागराज मेला प्राधिकरण, इलाहाबाद’ के गठन से संबंधित है। इस संबंध में 13 नवंबर, 2017 को अध्यादेश भी प्रख्यापित किया गया था।

उत्तर प्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक 2017 द्वारा उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम 1910 में संशोधन किया गया है जो प्रदेश में अवैध मदिरा की बिक्री से होने वाली राजस्व क्षति एवं अवैध मदिरा के विषाक्त होने और उसके सेवन से जनहानि की घटनाओं से संबंधित हैं। इस संबंध में 27 सितंबर, 2017 को अध्यादेश भी प्रख्यापित किया गया था।

उत्तर प्रदेश दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) (संशोधन) विधेयक 2017 द्वारा पूर्व में अधिनियमित उत्तर प्रदेश दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) (संशोधन) विधेयक 1979 की कतिपय धाराओं में संशोधन किया गया है।

उत्तर प्रदेश निरसन विधेयक-2017 द्वारा पूर्व में अधिसूचित और अप्रचलित एवं अनुपयोगी हो चुके 15 अधिनियमों को निरसित किया गया है।

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