गया, 16 जनवरी (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां मंगलवार को कहा कि न्याय के साथ विकास के लक्ष्य को केवल विकास कार्यो से प्राप्त नहीं किया जा सकता, इसके लिए समाज में व्याप्त कुरीतियों को भी हटाना जरूरी है।
मुख्यमंत्री अपनी विकास कार्यो की समीक्षा यात्रा के क्रम में मंगलवार को गया जिले के टिकारी प्रखंड अंतर्गत लांव गांव पहुंचे। यहां उन्होंने गांव का भ्रमण कर विकास कार्यो का जायजा लिया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जिले में 505 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत से 225 योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया। इनमें से 87़ 71 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण की गई 56 योजनाओं का उद्घाटन एवं 418 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली 169 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
मुख्यमंत्री ने यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि समीक्षा यात्रा का मकसद विकास के कामों में होने वाली कठिनाइयों को जानना और समझना है।
उन्होंने कहा, “हमलोग पटना से शासन नहीं चलाते हैं। लोगों ने अवसर दिया है, उनकी सेवा करते हैं। उनके बीच जाकर उनकी परेशानियों को समझते हैं।”
सरकार के सात निश्चयों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सात निश्चय में से चार निश्चयों में प्रत्येक परिवार को बुनियादी नागरिक सुविधाएं मुहैया कराना है। इसके तहत हर घर नल का जल, हर घर शौचालय, हर घर में बिजली कनेक्शन और पक्की गली-नाली का निर्माण हो रहा है।
उन्होंने कहा कि इन चार निश्चयों से राज्य के सभी परिवारों को बुनियादी नागरिक सुविधा उपलब्ध हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने 21 जनवरी को बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरुद्ध लोगों के जगरूकता के लिए बनने वाली मानव श्रृंखला में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि बाल विवाह का काफी नुकसान है। कम उम्र में शादी होने से प्रसव के दौरान कई महिलाएं मौत की शिकार हो जाती हैं।
इस अवसर पर कृषि मंत्री डॉ़ प्रेम कुमार, सांसद हरि मांझी, सांसद सुशील कुमार सिंह, विधायक अभय कुशवाहा, विधायक विनोद यादव, विधान पार्षद उपेंद्र प्रसाद, संजीव श्याम सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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