नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। ‘लाभ के पद’ मामले में 20 आप विधायकों को निर्वाचन आयोग द्वारा अयोग्य ठहराए जाने की सिफारिश को स्वराज इंडिया ने कानूनी तौर पर सही बताते हुए इसे देर से आया सही निर्णय बताया है।
पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अनुपम ने कहा कि विधायकों की यह अवैध नियुक्ति संवैधानिक नियमों का तकनीकी उल्लंघन मात्र नहीं, बल्कि केजरीवाल के राजनीतिक भ्रष्टाचार और अनैतिकता का भी परिचायक है।
अनुपम ने सवाल उठाए कि वह 21 विधायकों के लाभ के पदों पर हुई अवैध नियुक्ति के पीछे का असल कारण बताएं।
अनुपम ने एक बयान में कहा है कि जब योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने पार्टी में सिद्धांतों, पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाए थे, तब अरविंद केजरीवाल ने विधायकों को प्रभावित करने और चुप कराने के लिए और व्यक्तिगत निष्ठा के बदले में संसदीय सचिव के पद बांटे थे।
उन्होंने कहा कि ये नियुक्तियां न केवल संवैधानिक रूप से अवैध, बल्कि राजनीतिक भ्रष्टाचार का भी गंभीर मामला थीं, जो आज अरविंद केजरीवाल की राजनीति का एक दुर्भाग्यपूर्ण हिस्सा बन गया है।
अनुपम ने सवाल किया कि अतीत में की गईं असंवैधानिक नियुक्तियों को कानूनी मान्यता देने के लिए केजरीवाल ने विधेयक लाकर बैक डेट से ‘लाभ के पद’ कानून को बदलने की कोशिश की। अगर आप इस मामले में गलत नहीं थी, तो ऐसी हरकत करने की क्या जरूरत थी?
उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता केजरीवाल सरकार के अनैतिक कृत्यों को बारीकी से देख रही है और अगले चुनाव में इसका जवाब देगी।
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