नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को यहां कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत प्रसवपूर्व जांच एक करोड़ के स्तर को पार कर चुकी है।
नड्डा ने कहा, “प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत एक करोड़ से अधिक प्रसवपूर्व जांच की गई और इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत हर महीने नौ तारीख को गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तायुक्त प्रसवपूर्व जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।”
उन्होंने कहा, “यह कार्यक्रम भारत के दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचने में सफल रहा है, क्योंकि देश भर में की गई एक करोड़ से अधिक जांच में से 25 लाख से अधिक जांच उच्च प्राथमिकता वाले जिलों में थी।”
नड्डा ने कहा, “हालांकि सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों ने गर्भवती महिलाओं तक पहुंचने के लिए उल्लेखनीय प्रयास किए लेकिन नॉन-एम्पावर्ड एक्शन ग्रुप (ईएजी) राज्यों में महाराष्ट्र और एम्पावर्ड एक्शन ग्रुप राज्यों में राजस्थान ने सबसे अधिक जांच दर्ज की है। पीएमएसएमए केंद्र पर आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं की जांच एक प्रसूति रोग विशेषज्ञ/चिकित्सक द्वारा उचित तरीके से की गई।”
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने अपने मन की बात रेडियो कार्यक्रम के 31 जुलाई, 2016 के संस्करण में निजी क्षेत्र के डॉक्टरों से आग्रह किया था कि वे साल में 12 दिन इस कार्यक्रम को समर्पित करें और हर महीने की नौ तारीख को पीएमएसएमए के तहत स्वैच्छिक सेवाएं प्रदान करें।
निजी क्षेत्र के 4,800 से अधिक डॉक्टरों ने पीएमएसएमए के तहत स्वैच्छिक सेवा प्रदान करने का वचन दिया है।
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