उप राष्ट्रपति ने उप्र दिवस का शुभारंभ किया, योगी ने बताया ऐतिहासिक पल (लीड-1)

लखनऊ, 24 जनवरी (आईएएनएस)। उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने बुधवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के पहले स्थापना दिवस के अवसर पर उप्र दिवस के साथ-साथ लखनऊ महोत्सव का भी उद्घाटन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को करोड़ों रुपये की परियोजाओं की सौगात देते हुए कहा कि यह उप्र के लिए गौरव का क्षण है।

अवध शिल्पग्राम में तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में राज्यपाल राम नाईक ने भी शिरकत की। उप्र दिवस की थीम नवनिर्माण, नवोत्थान व नव कार्यसंस्कृति पर आधारित है और इसके लिए ‘संकल्प से सिद्घि की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश’ का नारा दिया गया है।

योगी ने मुख्य अतिथि उप राष्ट्रपति का स्वागत कन्नौज के इत्र, लखनऊ के चिकन से बनी शॉल और भगवान राम की मूर्ति भेंट कर किया। योगी ने राज्यपाल राम नाईक का भी सम्मान किया। गणेश वंदना के बाद संस्कृति विभाग ने प्रदेश के सभी पांच अंचलों अवध, बृज, बुंदेलखंड, पूर्वाचल और पश्चिमी उप्र की झांकी प्रस्तुति की।

उप राष्ट्रपति ने सब-इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह को थीम सांग लिखने पर सम्मानित किया। राजभवन में तैनात सब-इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह ने थीम सांग की रचना की है जिसे सोनू निगम ने गाया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी ने कहा, “हम सब के लिए यह गौरव का क्षण है। मैं उत्तर प्रदेश के प्रथम स्थापना दिवस के अवसर पर उप राष्ट्रपति का स्वागत करता हूं और राम नाईक जी को बधाई देता हूं कि उन्होंने इस दिवस के लिए हमें प्रेरित किया। प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद राज्यपाल ने उप्र स्थापना दिवस मनाने पर जोर दिया था।”

उन्होंने कहा कि उप्र देश का सबसे बड़ा व सबसे महत्वपूर्ण प्रदेश है। इसके विकास के बिना भारत का विकास नहीं होगा। भारत को विश्व शक्ति बनाने के लिए उप्र का योगदान जरूरी है। अगर भारत का विकास करना है तो सबसे पहले उत्तर प्रदेश का विकास करना होगा। भारत का विकास उत्तर प्रदेश से ही होकर जाता है। इसी कारण ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उत्तर प्रदेश पर विशेष अनुकंपा’ है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की पहचान जिन नामों से होती है उनमें भगवान बुद्घ भी हैं।

इस मौके पर 25 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं की शुरुआत भी की गई। योगी ने कहा कि गांव, शहर, किसान, नौजवान, उद्योग, शिक्षा, सेहत, ऊर्जा, संस्कृति सहित समाज के हर क्षेत्र और विकास के हर पहलू को आयोजन से जोड़ा गया है।

उप्र दिवस के साथ ही लखनऊ महोत्सव का भी उद्घाटन हुआ है। उप्र दिवस तीन दिनों तक यानी 24 से 26 जनवरी तक चलेगा। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि पहले तीन दिन तक दर्शकों को कोई टिकट नहीं खरीदना होगा। इन तीन दिनों तक शाम 5़ 30 बजे से रात 10 बजे तक के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संस्कृति विभाग की होगी।

लखनऊ महोत्सव 27 जनवरी से दो फरवरी तक चलेगा। इस दौरान प्रति दर्शक दस रुपये का टिकट होगा। दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों का प्रवेश पूरे आयोजन भर मुफ्त रहेगा।

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