धरने के दौरान एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संग्राम बहादुर सिंह यादव ने कहा कि रोजगार सेवकों समेत समस्त संविदा कर्मचारियों को स्थायी करने के वादे पर बनी भाजपा सरकार अब अपने वादे को पूरा करने के बजाय जायज मांगों पर आंदोलन करने वाले रोजगार सेवकों पर फर्जी मुकदमा करती है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा नेता व देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने संविदा कर्मचारियों की रैली आयोजित कर सभी को भाजपा सरकार बनने पर स्थायी करने का आश्वासन दिया था। लेकिन प्रदेश के विभिन्न जनपदों में ग्राम रोजगार सेवकों का मानदेय 8 से 10 माह का बकाया चल रहा है।
संगठन के प्रदेश संरक्षक मुश्ताक अली अंसारी ने कहा कि रोजगार सेवकों को 6000 मासिक मानदेय श्रम का शोषण है। श्रम मंत्रालय ने न्यूनतम वेतन सभी कर्मचारियों को 24000 मासिक तय किया, श्रम मंत्रालय के आदेश के अनुसार, ग्राम रोजगार सेसवकों समेत सभी संविदा कर्मचारियों को न्यूनतम मासिक 24000 रुपये वेतन देने की व्यवस्था राज्य सरकार करें, ग्राम रोजगार सेवकों का पद नाम प्रशासनिक सहायक ग्राम पंचायत किया जाय या प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत विकास सेवक का पद सृजित करके ग्राम रोजगार सेवकों को समायोजित किया जाए।
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