विद्या शंकर राय
विद्या शंकर राय
लखनऊ, 4 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई) ने एक अनोखी पहल की है। एनबीआरआई अब सीमा की सुरक्षा करने वाले जवानों को भी बागवानी के गुर सिखा रहा है। इसकी शुरुआत उसने इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों से की है।
एनबीआरआई के अधिकारियों का दावा है कि जवानों को बागवानी के आसान तरीके और उसकी बारीकियों से रूबरू करवाया जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, जवानों को दिए जा रहे इस प्रशिक्षण का मकसद पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। बोटैनिकल गार्डन के प्रभारी डॉ. आर.एस. कटियार ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आईटीबीपी के 22 हेड कांस्टेबल गार्डनरों को बेहतर बागवानी कराने के उद्देश्य से एनबीआरआई में भेजा गया है। यहां जवानों को 25 दिन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 23 जनवरी से प्रतिदिन आठ घंटे जवानों को बागवानी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके तहत पर्यावरण के अनुरूप पौधरोपण और उन्हें बचाने के लिए खाद एवं उपयोगी उर्वरक की विशेषता के बारे में भी बताया गया है।
इस प्रशिक्षण में आईटीबीपी ने अपने उन जवानों को ही एनबीआरआई में भेजा है जिन्हें अपने-अपने फ्रंटियर में बागवानी के लिए विशेष तौर पर भर्ती किया गया है।
कटियार की मानें तो बागवानी के प्रशिक्षण के लिए आए जवान आईटीबीपी में भर्ती तो हेड कॉन्स्टेबल गार्डनर के पद पर हुए लेकिन उन्हें बेहतर बागवानी करना नहीं आता है। इसके चलते आईटीबीपी के अधिकारियों ने एनबीआरआई के विशेषज्ञों की टीम से इन जवानों को प्रशिक्षण दिलाने का फैसला किया था।
एनबीआरआई की ओर से जवानों को कराए जा रहे प्रशिक्षण के बाद उनकी हर सेशन में एक 30 नंबर की परीक्षा होती है। यह परीक्षा एनबीआरआई के अधिकारियों की देखरेख में कराई जाती है। इस परीक्षा में जवान फेल भी होते हैं फिर उन्हें दोबारा उसकी बारीकियां सिखाई जाती हैं।
गौरतलब है कि लखनऊ में स्थित एनबीआरआई में पौधारोपण के गुर सीखने के लिए आईटीबीपी ही नहीं, देशभर के कई राज्यों से अलग-अलग विभागों की टीमें यहां आती हैं। यहां उन्हें उच्चस्तरीय प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे अपने अपने विभागों में पर्यावरण के अनुकूल पौधारोपण करा सके। एनबीआरआई के अधिकारियों का दावा है कि इसका लाभ लोगों को बड़े पैमाने पर मिलता है।
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