शिवपुरी, 4 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली का ताजा बजट भले ही किसानों और गरीबों को समर्पित हो, लेकिन मध्यप्रदेश में किसान आत्महत्या का सिलसिला थम नहीं रहा है। शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र के साखनोर गांव में एक किसान ने कर्ज से परेशान होकर फांसी के फंदे से लटककर रविवार को आत्महत्या कर ली।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, साखनोर गांव के किसान चरण सिंह जाटव (35) ने रविवार को फांसी के फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
चरण सिंह के परिजनों का कहना है कि उसके पास दो बीघा जमीन थी, जो किसी साहूकार के यहां गिरवी रखी थी, इस साल फसल खराब होने और मुआवजा न मिलने से वह काफी परेशान था। परिवार की माली हालत बहुत खराब है। अवसाद के चलते उसने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया।
इसी महीने के अंत में कोलरस में विधानसभा उपचुनाव होना है। ऐसे में एक किसान की आत्महत्या यहां चुनावी मुद्दा बन सकती है। केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार का हालांकि दावा है कि किसानों के लिए सरकार बहुत कुछ कर रही है। वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि आय दोगुनी होने का सपना देखते हुए किसान मुश्किलों में भी जीने का जीवटपन दिखाते हैं या कोई किसान संघर्ष करने के बजाय खुद को खत्म कर लेने का फिर आसान रास्ता चुनता है।
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