नई दिल्ली, 5 फरवरी (आईएएनएस)। देश का सबसे बड़ा वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) वेयरहाउस यानी गोदाम की अनुलब्धता के कारण इलायची और मिर्च कोई नया सौदा लांच नहीं करेगा। हालांकि एमसीएक्स के एक अधिकारी ने यह स्पष्ट किया कि जो सौदे अभी एक्सचेंज के प्लेटफॉर्म पर चल रहे हैं, उनको रद्द या स्थगित नहीं किया जाएगा।
एमसीक्स के मुताबिक, जिन कमोडिटी में डिलीवरी अनिवार्य होती है। उसके लिए वेयरहाउस की सुविधा भी जरूरी है।
इलायची और मिर्च की सबसे ज्यादा खेती केरल में होती है, इसलिए उत्पादक बाजार वहीं है। एमसीएक्स अब तक यहां जिन दो गोदामों का इस्तेमाल कर रहा था, उन दोनों का वेयरहाउसिंग डेवलपमेंट एंड रेग्युलेटरी बोर्ड के तहत पंजीकरण लंबित होने से इनकी सेवा नहीं ली जा रही है।
एससीमएक्स के अधिकारी गिरीश देव ने आईएएनएस को बताया कि वर्तमान में इलायची और काली मिर्च में जो सौदे चल रहे हैं, उनमें कारोबार चलता रहेगा, लेकिन आगे के सौदे अभी लांच नहीं किए जाएंगे। इलायची में अभी फरवरी, मार्च और अप्रैल 2018 के सौदों में कारोबार चलेगा।
उन्होंने कहा, “भारतीय प्रतिभूति व विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सभी कमोडिटी डेरिवेटिव्स एक्सचेंज, जैसे एमसीएक्स, एनसीडीएक्स, एनएमसीई आदि से कहा है कि कृषि उत्पादों के लिए उन्हीं गोदामों को शामिल किया जाए जो वेयरहाउसिंग डेवलपमेंट रेग्युलेटरी अथॉरिटी (डब्ल्यूडीआरए) के तहत पंजीकृत हो।”
डब्ल्यूडीआरए के साथ पंजीकरण की प्रक्रिया सही मायने में वेयरहाउस सेवा प्रदाता (डब्ल्यूएसपी) और डब्ल्यूडीआरए के बीच का मसला है और डब्ल्यूएसपी का नियमन सेबी के तहत नहीं होता है। लेकिन एक्सचेंज को सेबी के नियमों का पालन करना होता है।
उन्होंने बताया कि केरल में एमसीक्स इलायची के लिए वांडामेडू और काली मिर्च के लिए कोच्चि स्थित वेयरहाउस का इस्तेमाल कर रहा था, जो प्राधिकरण के साथ पंजीकृत नहीं है।
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