नई दिल्ली, 8 फरवरी (आईएएनएस)। जनता दल-सेक्युलर (जद-एस) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने गुरुवार को कर्नाटक में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन की घोषणा की। दोनों दलों ने कहा कि प्रदेश विधानसभा चुनाव में उनका कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी से मुकाबला होगा।
यहां एक प्रेसवार्ता में बसपा के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा और और जद-एस के महासचिव कुंवर दानिश अली ने बताया कि दोनों दलों के बीच बनी सहमति के मुताबिक, बसपा प्रदेश की कुल 224 विधानसभा सीटों में 20 सीटों पर चुनावी लड़ेगी जबकि बाकी सभी सीटों पर जद-एस अपने उम्मीदवार उतारेगी। सभी सीटों पर दोनों दल एक-दूसरे के उम्मीदवारों को समर्थन देंगे।
यह पूछे जाने पर कि क्या गठबंधन ‘सेक्युलर’ वोट काटेगा और कांग्रेस को नुकसान पहुंचाएगा, अली ने कहा कि किसी का वोट काटने का कोई सवाल पैदा नहीं होता है क्योंकि कर्नाटक में जद-एस की अपनी उपस्थिति और शक्ति है।
अली ने कहा, “पिछले चुनावों में हमें भाजपा से एक फीसदी ज्यादा वोट मिले थे और भाजपा जितनी सीटें मिलीं थीं।”
विधानसभा चुनाव 2013 में कांग्रेस ने 36.5 फीसदी वोट के साथ 122 सीटों पर जीत हासिल की थी और प्रदेश में सरकार बनाई। भाजपा और जद-एस को करीब 20-20 फीसदी मतों के साथ 40-40 सीटें मिलीं थीं।
मिश्रा ने कहा कि विपक्षी दलों को मुद्दा-आधारित समर्थन देना और चुनाव लड़ना अलग-अलग मुद्दे हैं।
मिश्रा से जब पूछा गया कि 2019 के लोकसभा चुनाव के संदर्भ में वर्तमान गठबंधन को किस रूप में देखा जाएगा क्योंकि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए कुछ विपक्षी दल गैर-राजग दलों के गठबंधन के इच्छुक हैं, तो उन्होंने कहा कि इस समय कर्नाटक चुनाव पर ध्यान केंद्रित है क्योंकि यह चुनाव काफी ‘निकट’ है।
मिश्रा ने कहा, “अभी कोई विपक्षी गठबंधन या तीसरा मोर्चा नहीं बना है। इस समय हमारी निगाह कर्नाटक चुनाव पर है जो काफी निकट है। हम देखेंगे कि 2019 के आम चुनाव से पहले क्या होगा। लेकिन, मुद्दों के आधार पर हम अन्य विपक्षी दलों के साथ हैं।”
बेंगलुरु में 17 फरवरी को दोनों दलों की बैठक होने वाली है जिसमें चुनावी घोषणा पत्र व अन्य बातों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
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