बताया जा रहा है कि इन क्षेत्रों में वन्यजीवों की संख्या ज्यादा है, जिनकी गणना के लिए इन क्षेत्रों में एक साथ कैमरे लगाए और फुटेज देखकर उनके आंकड़े जुटाए जाएंगे। इस बावत बफरजोन और पीलीभीत के अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
डब्ल्यूआईआई की चार वर्ष में एक बार होने वाल गणना में इस बार बाघ-तेंदुओं के साथ-साथ शाकाहारी वन्यजीवों जैसे भालू, हिरन, खरगोश, जंगली सुअर की भी गणना कराई जानी है। मौजूदा समय में फील्ड स्टॉप को वन्यजीवों के लिए संवेदनशील स्थानो को चिन्हित करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद 15 फरवरी से इन स्थानों पर कैमरे लगाने का काम शुरू किया जाएगा। कुल 400 कैमरे लगाए जाएंगे, जिनसे वन्यजीवों के फुटेज कैद होंगे।
अधिकारियों ने बताया कि किशनपुर सेंक्चुरी से सटे बफरजोन के मैलानी व भीरा रेंज के साथ ही पीलीभीत जिले के जंगलों को भी आखिरी चरण में शामिल किया गया है।
बफर जोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने कहा कि वन्यजीवों की गणना को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दुधवा पार्क व अन्य क्षेत्रों में 15 फरवरी से कैमरे लगाए जाएंगे, जबकि पीलीभीत, मैलानी और भीरा में आखिरी चरण में गणना की जानी है।
dharmpath.com dharmpath