नई दिल्ली, 5 मार्च (आईएएनएस)। संसद के उच्च सदन राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार को विपक्ष के हंगामे के बीच पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्षी सांसदों ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) में धोखाधड़ी और हाल ही में हीरा कारोबारी नीरव नोदी द्वारा पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ 12,600 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर सदन में नारेबाजी की।
जैसे ही उच्च सदन की कार्यवाही पहले के दो स्थगनों के बाद अपरान्ह दो बजे शुरू हुई, विपक्षी सांसद खड़े हो गए और अध्यक्ष के आसन के सामने इकठ्ठा हो गए। विपक्षी सांसद ‘नीरव मोदी को वापस लाओ’ के नारे लगाने लगे।
गीतांजलि जेम्स के सह मालिक नीरव मोदी इस साल जनवरी में स्विटजरलैंड के दावोस में हुए विश्व आर्थिक मंच सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दिखाई दिए थे। व्यापारी मोदी पीएनबी घोटाले सामने आने से कुछ दिन पहले ही देश छोड़कर भाग गए थे।
सरकार ने प्रधानमंत्री के साथ दावोस गए आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में नीरव मोदी के होने की बात को खारिज कर दिया था।
उप सभापति पी.जे. कुरियन ने गुस्साए सांसदों से अपनी-अपनी सीटों पर जाने को कहा लेकिन वे नारेबाजी करते रहे।
वहीं दूसरी तरफ, तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के सांसदों ने तेलंगाना के मुकाबले आंध्र प्रदेश के साथ अन्याय को लेकर अपना विरोध फिर से शुरू किया और राज्य के लिए केंद्र से विशेष वित्तीय पैकेज दिए जाने की मांग की।
कुरियन ने कहा कि वह पीएसबी धोखाधड़ी पर एक संक्ष्प्ति चर्चा की इजाजत देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद से चर्चा शुरू करने को कहा। आजाद ने हंगामे के बीच कहा कि चर्चा तभी शुरू हो सकती है जब अन्य दल इस पर सहमत हों।
आजाद ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने काला धन वापस लाने का वादा किया था। काला धन तो वापस नहीं आया लेकिन सफेद धन जरूर देश से बाहर चला गया।”
हंगामे के बीच कुरियन ने सदन को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया।
इससे पहले सुबह जैसे ही सदन शुरू हुआ विपक्षी सांसदों ने पीएनबी में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले को लेकर विरोध शुरू कर दिया।
सभापति एम.वेंकैया नायडू ने पहले सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी लेकिन जैसे ही सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न् 11.20 बजे दोबारा शुरू हुई, हंगामा फिर शुरू हो गया।
नायडू ने गुस्साए सासंदों को उनकी सीटों पर वापिस जाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर उचित नियमों के तहत चर्चा की जाएगी लेकिन सांसद टस से मस नहीं हुए।
इसके बाद सभापति ने सदन की कार्यवाही अपराह्न् दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
इससे पहले कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, समाजवादी पार्टी के नेता नरेश अग्रवाल और तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर रॉय समेत कई सांसदों ने नियम 267 के तहत सभी कामकाज स्थगित कर पीएनबी घोटाले पर चर्चा की मांग के लिए नोटिस दिया।
भाजपा की ओर से विनय सहस्रबुद्धे ने घोटाले में फंसे पूर्व केंद्रीय मंत्रियों के संबंधियों के बारे में चर्चा करने के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिया।
सभापति ने दोनों ही नोटिस खारिज करते हुए अन्य संबद्ध नियमों के तहत इन मुद्दों को उठाने को कहा।
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