पटना, 20 मार्च (आईएएनएस)। बिहार में सत्ताधारी जनता दल (युनाइटेड) ने बिहार के विशेष राज्य के दर्जे के मुद्दे पर विपक्ष से सकारात्मक राजनीति करने की सलाह देते हुए कहा है कि यह कोई दलीय प्रस्ताव नहीं है। यह बिहार विधानमंडल से पारित सर्वदलीय प्रस्ताव है।
जद (यू) के प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने मंगलवार को कहा कि बिहार को विशेष राज्य के दर्जे की मांग को बिहार के लोगों ने आत्मसात किया है।
उन्होंने कहा, “यह सर्वदलीय प्रस्ताव तब पास हुआ, जब लालू प्रसाद के परिवार का कोई सदस्य विधानमंडल में नहीं था। जद (यू) यह मामला 2005 से उठाता रहा है।”
उन्होंने कहा कि पहले भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मुद्दे पर विपक्ष से सकारात्मक सहयोग का अनुरोध किया है।
नीरज ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा, “15वें वित्त आयोग की जो अनुशंसाएं आ रही हैं, जिसमें पिछड़े राज्यों के विकास की अवधारणा को बल मिल रहा है, उसमें विपक्ष को सहयोग करना चाहिए। विपक्ष को अगर खुद के विकास को छोड़कर, बिहार के विकास की चिंता है तो उन्हें राज्य हित में दलीय प्रतिबद्धता से ऊपर उठकर सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से हाथ मिलाना चाहिए।”
पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव पर तंज कसते हुए जद (यू) नेता ने कहा, “आप एक पारिवारिक पार्टी चलाते हैं। आपका राजनीति में जन्म ही ‘सोने का चम्मच’ लेकर हुआ है। आपको विशेष राज्य की चिंता तब हुई जब आपके पिता लालू प्रसाद को जेल में ‘स्पेशल स्टेटस’ की चिंता होने लगी।”
उन्होंने कहा कि आज जो विपक्ष विशेष राज्य के दर्जे की बात कर रहा है, उस समय जब वे केंद्र में ‘किंगमेकर’ बने थे, तब उन्हें बिहार के विशेष राज्य के दर्जे की चिंता नहीं थी।
प्रवक्ता ने कहा, “सरकार भागलपुर में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वालों पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच हो रही है। आज बिहार ही एक ऐसा राज्य है, जहां केंद्रीय मंत्री जैसे रसूख रखने वाले के पुत्र पर भी सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज हुई है।”
उल्लेखनीय है कि तेजस्वी ने नीतीश पर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग से भी पीछे हटने का आरोप लगाया है।
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