नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। हास्य और अपराध की मिश्रित शैली से सजी फिल्म ‘बा बा ब्लैक शीप’ से निर्देशन में कदम रखने वाले फिल्म अभिनेता व निर्माता विश्वास पांड्या को अपनी पहली ही फिल्म में अनुपम खेर, अन्नू कपूर और के के मेनन जैसे मंझे हुए अभिनेताओं के साथ काम करने का मौका मिला है और वह इसे एक शानदार अवसर के रूप में देखते हैं।
नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। हास्य और अपराध की मिश्रित शैली से सजी फिल्म ‘बा बा ब्लैक शीप’ से निर्देशन में कदम रखने वाले फिल्म अभिनेता व निर्माता विश्वास पांड्या को अपनी पहली ही फिल्म में अनुपम खेर, अन्नू कपूर और के के मेनन जैसे मंझे हुए अभिनेताओं के साथ काम करने का मौका मिला है और वह इसे एक शानदार अवसर के रूप में देखते हैं।
फिल्म ‘बा बा ब्लैक शीप’ आज (शुक्रवार) को रिलीज हुई है। फिल्म से कितनी उम्मीदें जुड़ी हैं, इस सवाल पर फिल्म के निर्देशक विश्वास ने आईएएनएस के साथ फोन पर विस्तृत बातचीत में बताया, “मैं किसी भी चीज से अधिक उम्मीदें नहीं बांधता हूं, इसलिए इस फिल्म से भी मेरी कोई उम्मीद नहीं है। मैं बस अपना काम करने और अपना सौ प्रतिशत देने पर विश्वास करता हूं।”
विश्वास इससे पहले फिल्म ‘अमेरिकन ब्लेंड’ और ‘मैंने गांधी को नहीं मारा’ में अनुपम खेर के साथ काम कर चुके हैं, लेकिन इस फिल्म में उन्होंने अनुपम खेर के साथ बतौर निर्देशक काम किया है।
विश्वास से जब पूछा गया कि पहली फिल्म में अनुपम खेर के साथ काम करने और उन्हें निर्देशित करने का अनुभव कैसा रहा? विश्वास ने बताया, “अनुपम खेर के साथ काम करने में बहुत मजा आया और मुझे नहीं लगता कि बतौर निर्देशक मैंने कोई दबाव महसूस किया। मैं पहले भी ‘अमेरिकन ब्लेंड’ और ‘मैंने गांधी को नहीं मारा’ में अनुपम खेर के साथ काम कर चुका हूं, इसलिए ऐसा कुछ महसूस नहीं हुआ। वह एक बेहतरीन कलाकार हैं और मैं उनके अभिनय का कायल हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “फिल्म में एक ओर अनुपम खेर एक दब्बू पिता के किरदार में नजर आते हैं तो वहीं दूसरी ओर वह वास्तव में एक कॉन्ट्रैक्ट किलर हैं। उन्होंने बेहद शानदार तरीके से दोनों किरदारों के बीच सामंजस्य बिठाया। मेरे लिए अनुपम जी को किरदार बदलने के साथ अपनी आवाज और हावभाव बदलते देखना अद्भुत अनुभव था।”
इस फिल्म में अनुपम के साथ ही मनीष पॉल, अन्नू कपूर, के के मेनन और मंजरी फडनिस भी महत्वपूर्ण भूमिका में हैं।
विश्वास ने फिल्म की कहानी के बारे में बात करते हुए कहा, “यह फिल्म एक पिता चारुदत्त शर्मा (अनुपम खेर) और उसके बेटे बाबा (मनीष पॉल) के ईदर्गिद घूमती है। बाबा अपने पिता के कॉन्ट्रैक्ट किलर होने की बात से अनजान है, एक दिन जब उसे मालूम पड़ता है कि उसके हमेशा दब्बू से रहने वाले पिता असल में एक कॉन्ट्रैक्ट किलर हैं, तब फिल्म यहां से नया मोड़ लेती है।”
उन्होंने कहा, “यह एक फैमिली फिल्म है। यह अपराध और हास्य का मिश्रण है, अगर ऐसी फिल्म हॉलीवुड में बनती तो इसे ब्लैक कॉमेडी कहा जाता।”
विश्वास से जब पूछा गया कि अभिनय से निर्देशन के क्षेत्र में कैसे आना हुआ, क्या वह फिर अभिनय करते नजर आएंगे? इस पर विश्वास ने कहा, “मुझे निर्देशन में काफी रुचि थी। मैं फिल्मों में अभिनय करने के दौरान भी निर्देशन की बारीकियों पर नजर रखता था। मैंने अमेरिका में दो साल रहकर फिल्म निर्माण पर काफी कुछ सीखा। आखिरकार मैंने इस फिल्म की कहानी पर काम करना शुरू किया। और रही बात अभिनय की, तो मैं बता दूं कि मेरा अब अभिनय का कोई इरादा नहीं है। मुझे लगता है कि एक बार में एक काम करना चाहिए, तभी आप उसमें अपना सौ प्रतिशत दे सकते हैं।”
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