नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। असमिया सिनेमा के लिए यह एक रोमांचक क्षण है, क्योंकि रीमा दास के निर्देशन वाली असमिया फिल्म ‘विलेज रॉकस्टार्स’ ने 65वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार हासिल किया है। 29 वर्ष बाद किसी असमिया फिल्म ने यह सम्मान हासिल किया है।
इससे पहले वर्ष 1987 में जाहनु बरुआ की ‘हलोधिया चोरये बोधन खई’ ने यह पुरस्कार जीता था।
गुवाहाटी के निकट रीमा के अपने छायागांव में निर्मित ‘विलेज रॉकस्टार्स’ गरीब बच्चों की अद्भुत कहानी है, जो मजेदार जीवन का लुप्त उठाते हैं।
फिल्म का एक रॉक बैंड के रूप में बच्चों के साथ आगाज होता है। जैसे ही कहानी आगे बढ़ती है, यह बहुत मजाकिया अंदाज में पेश की जाती है।
रीमा ने ‘विलेज रॉकस्टार्स’ के लिए सर्वश्रेष्ठ संपादन का पुरस्कार भी जीता है। इस फिल्म ने भनिता दास के लिए सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का सम्मान भी हासिल किया है। इस फिल्म को सर्वश्रेष्ठ लोकेशन साउंड रिकॉर्डिस्ट मल्लिका दास के काम के लिए भी सराहना मिली है।
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