नई दिल्ली, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। गैर लाभकारी संगठन इंटरनेशनल बिजनेस कांग्रेस (आईबीसी) की वार्षिक आम बैठक में सामूहिक रूप से 8.9 लाख करोड़ डॉलर के बाजार पूंजीकरण वाली 100 से अधिक वैश्विक कंपनियों ने हिस्सा लिया और अपने विचार साझा किए।
आईसीबी ने एक बयान में कहा कि 122 सदस्यों वाले इस अंतर्राष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन के सम्मेलन में दुनिया के 28 देशों से 100 सदस्य कंपिनयों के सदस्यों ने हिस्सा लिया। बिजनेस कांग्रेस (आईबीसी) ने चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक हेमंत कनोरिया के आमंत्रण पर पहली बार भारत में अपनी वार्षिक आम बैठक का आयोजन किया।
यह कार्यक्रम आर्थिक सहयोग के लिए एक प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करता है और सुरक्षित एवं प्रभावी उद्यमिता गतिविधियों के लिए बाधाओं को खत्म करने और उपयुक्त वातावरण तैयार करने के प्रस्तावों को पेश करता है। इस कार्यक्रम से भारत और वैश्विक कंपनियों के बीच निवेश और कारोबारी सहयोग के लिए अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कनोरिया ने कहा, “सरकार भारत में कारोबारी माहौल को सुधारने के उद्देश्य से ढांचागत सुधारों को लागू करने के मामले में मिशन मोड पर काम कर रही है। सबसे पुराने हो चुके कानूनों को खत्म कर दिया गया। प्रत्यक्ष विदेश निवेश यानी एफडीआई प्रणाली को उदार बनाया गया और दिवालिया कानून जैसे नए कानूनों ने भारत में निवेश से बाहर निकलने के मुश्किल रास्ते को लेकर निवेशकों की चिंताओं को कम कर दिया है। सरकारी प्रक्रियाओं को पारदर्शी और परेशानीमुक्त बनाने के लिए प्रौद्योगिकी भी काफी काम आ रही है। अब भारत वैश्विक कंपनियों के लिए निवेश के लिहाज से सबसे आकर्षक केंद्र बन गया है।”
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग एवं नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु और नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत, ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की।
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