नई दिल्ली, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। मॉनसून में डेंगू, मलेरिया, जेई, कालाजार, चिकनगुनिया, फाइलेरिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों से निपटने की प्रारंभिक तैयारी की आवश्यकता पर जोर देते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने बीमारियों की स्थिति और राज्यों की तैयारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा की।
नड्डा ने मच्छर जनित बीमारियों से प्रभावित 20 राज्यों आंध्र प्रदेश, असम, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल के प्रधान स्वास्थ्य सचिवों तथा मिशन निदेशकों के साथ संवाद किया।
मॉनसून आगमन पर मच्छर जनित बीमारियों की संभावना को देखते हुए इस बारे में स्वास्थ्य सचिवों तथा राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अग्रिम समीक्षा बैठक की गई।
नड्डा ने नैदानिक उपकरणों, औषधियों, जांच प्रयोगशालाओं, मानव शक्ति और धन की उपलब्धता की समीक्षा की। अनेक बीमारियों की रोकथाम में जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए नड्डा ने फोकस तरीके से और तेजी से आईईसी अभियान चलाने और इसे पूरे मॉनसून के दौरान जारी रखने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने सलाह दी कि गुजरात तथा तमिलनाडु जैसे राज्यों के श्रेष्ठ व्यवहारों को अपनाना चाहिए।
उन्होंने न केवल बीमारियों की रोकथाम बल्कि डेंगू, मलेरिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों के प्रबंधन में अंतर क्षेत्रीय समन्वय के महत्व पर बल देते हुए अंतर क्षेत्रीय समन्वय को मजबूत बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कालाजार प्रभावित क्षेत्रों में पीएमएवाई के अंतर्गत पक्का घर बनाने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ समन्वय किया जाना चाहिए।
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