तेजस्वी फर्जी कंपनी के मार्फत टाटा की संपत्ति के भी मालिक बने : सुमो

पटना, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार के उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुशील कुमार मोदी (सुमो) ने यहां सोमवार को एक बार फिर पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के छोटे पुत्र तेजस्वी यादव पर आरोप लगाया कि वे मुखौटा कंपनी के जरिए टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी की संपत्ति के भी मालिक बन गए हैं।

सुमो ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि तेजस्वी यादव और लालू परिवार ‘फेयरग्रो होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड’ नामक एक फर्जी कपनी का मुखौटे के रूप में इस्तेमाल कर टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी के पटना शहर के महत्वपूर्ण इलाके 5, राइडिंग रोड स्थित दोमंजिला मकान सहित जमीन के मालिक बन बैठे।

उन्होंने कहा कि नौ फरवरी को आयकर विभाग ने तेजस्वी यादव की जो संपत्ति जब्त की है, वह टाटा कंपनी की थी। 30 अक्टूबर, 2002 को टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी लिमिटेड के 7105 वर्गफुट जमीन (5़22 कट्ठा) में निर्मित 5348 वर्गफुट के दोमंजिला भवन को फर्जी कंपनी के सहारे लालू परिवार ने खरीदा हुआ दिखलाया है। इस कंपनी के निदेशक तेजस्वी यादव हैं।

उन्होंने कई दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा, “वर्ष 1990 से 2000 तक संयुक्त बिहार के दौरान और उसके बाद के वर्षो तक यह भवन टाटा कंपनी का दफ्तर और गेस्ट हाउस हुआ करता था। लालू-राबड़ी के शासनकाल में टाटा कंपनी को अनेक प्रकार से उपकृत किया जाता रहा।”

उन्होंने आरोप लगाया कि लालू यादव की बड़ी बेटी मीसा भारती का नामांकन योग्यता के आधार पर नहीं, बल्कि टाटा कंपनी के कोटे से जमशेदपुर स्थित टाटा मेडिकल कालेज में हुआ था। इसी तरह लालू प्रसाद की एक और बेटी रोहिणी आचार्य, अनवर अहमद की बेटी का नामांकन भी टाटा मेडिकल कलेज में 1998 में कोटे की सीट पर ही कराया गया था। इसके अलावे पूर्व मंत्री इलियास हुसैन की बेटी आसमा का नामांकन भी टाटा मेडिकल कलेज में टाटा कोटे से कराया गया।

भाजपा नेता ने कहा कि 2002 में जब टाटा की बेशकीमती जमीन और मकान की खरीद दिखाई गई, उस समय राज्य की मुख्यमंत्री राबड़ी देवी थी। इतनी बड़ी कंपनी की संपत्ति खरीदने के लिए फेयरग्रो जैसी फर्जी कंपनी का इस्तेमाल किया गया।

मोदी ने सवालिया लहजे में कहा कि आखिर टाटा कंपनी ने एक फर्जी कंपनी को ही अपनी संपत्ति क्यों बेची और 10 वर्षो के बाद इस फर्जी कंपनी सहित टाटा कंपनी के मकान के मालिक तेजस्वी और लालू परिवार कैसे हो गए?

मोदी ने आरोप लगाया कि वर्ष 1990 से 2000 तक लालू, राबड़ी के 10 वर्षो के शासनकाल में टाटा कंपनी पर किए गए उपकार के बदले टाटा स्टील ने प्रेमचंद्र गुप्ता के लोगों की कंपनी फेयरग्रो को अपनी संपत्ति लिख दी और कुछ वर्षो के बाद डिलाइट मार्केटिंग के समान तेजस्वी कंपनी सहित संपत्ति के मालिक बन बैठे।

उल्लेखनीय है कि सुमो बेनामी संपत्ति को लेकर लालू परिवार पर लगातार निशाना साध रहे हैं।

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