पार्टी की ओर से आईपीएन को भेजे गए अपने बयान में बसपा मुखिया मायावती ने एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) कानून, 1989 को लगभग निष्क्रिय बना देने के मामले में मोदी सरकार के ढुलमुल रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह केंद्र सरकार की विफलता का ही परिणाम है कि वह इस गंभीर मामले का भी सही हल निकाल पाने में असमर्थ साबित हो रही है।
उन्होंने कहा कि दलित वर्ग के सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन में आरक्षण के मामले में भी केंद्र की मोदी सरकार अब तक नकारात्मक ही रही है।
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