नई दिल्ली, 9 मई (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश सरकार से अनधिकृत निर्माणों के समय कसौली में तैनात रहने वाले अधिकारियों के नाम व पदों का विवरण देने को कहा है।
न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर व न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने राज्य के दूसरे भागों में अनधिकृत निर्माण नहीं किए जाने को सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए विशेष कदमों पर भी राज्य से रिपोर्ट मांगी है।
सुनवाई के दौरान पीठ ने हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता से पूछा कि राज्य अनधिकृत निर्माण के दौरान तैनात रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करेगा।
पीठ ने कहा, “जब तक आप कार्रवाई नहीं करेंगे और चार-पांच लोगों को सेवा से नहीं हटाएंगे, तब तक कुछ भी रास्ते पर नहीं आएगा।”
अदालत ने हिमाचल प्रदेश सरकार से अनधिकृत निर्माण के मलबे को हटाने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी पूछा।
पीठ ने राज्य सरकार को रिपोर्ट दाखिल करने के लिए दो महीने का समय देते हुए मामले की सुनवाई अगस्त में तय की।
इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि अतिक्रमण रोधी अभियान की निगरानी करने गई महिला अधिकारी की कसौली में हत्या राज्य में अवैध निर्माण पर रोक के कानून का क्रियान्वयन नहीं किए जाने की वजह से हुई।
शीर्ष अदालत ने महिला अधिकारी की हत्या का स्वत: संज्ञान लिया था और इस घटना को अत्यंत गंभीर बताया था।
टाउन प्लानर शैल बाला शर्मा की कसौली में 13 होटलों में अनधिकृत निर्माण को गिराए जाने की निगरानी के दौरान कसौली में एक होटल मालिक ने हत्या कर दी थी।
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