संयंत्र में हुए हादसे की अब तक हुई जांच में पुलिस को आठ लोगों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं। इसके आधार पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या और कर्तव्य के प्रति लापरवाही के तहत अपराध दर्ज किया है।
भट्ठी थाना प्रभारी मोनिका पांडेय ने कहा कि अब तक कारखाना निरीक्षक की रिपोर्ट नहीं मिली है। इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि 8 मई को एसपी-3 में कार्य के दौरान कन्वेयर बेल्ट में फंसने के दौरान ग्राम रूही पाटन निवासी कमल नारायण वर्मा की मौत हो गई थी। इस मामले में भट्ठी पुलिस ने बीएसपी के तीन डीजीएम विजय कुमार रथ, डीजीएम जगेंदर कुमार, डीजीएम मुजीब हुसैन, शिफ्ट इंचार्ज लाटुर सिंह सांवरिया, टेक्नीशियन ऑपरेशन गणेश राम ढीमर, कंट्रोल रूम ऑपरेटर चुन्नी लाल, कौशल देवांगन और एचएससीएल के ठेकेदार गुलाब पेठे के खिलाफ धारा 304ए, 287 और 34 के ततहत अपराध दर्ज किया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस की जांच में सामने आया कि एसपी-3 के मशीन आर-105 में खराबी आने की सूचना शिफ्ट इंचार्ज लाटुर सिंह सांवरिया ने कंट्रोल रूम ऑपरेटर चुन्नी लाल को दी थी। काउंटर वेट का पुलकार्ड (स्विच) बंद कराया था। इसकी जानकारी डीजीएम जगेंदर और मुजीब हुसैन को मिलने पर दोनों डीजीएम ने चार्जमैन गणेश ढीमर को दो ठेका श्रमिकों- कमल नारायण और प्रताप यादव से खराबी को ठीक करवाने के लिए कहा था। इस पर चार्जमैन गणेश राम ढीमर शट डाउन की पर्ची लेने कंट्रोल रूम गया। ठेका श्रमिक कमल नारायण वर्मा और प्रताप यादव को मौके पर पहुंचने के लिए कहा।
गणेश राम ढीमर ने कंट्रोल रूम में जाकर ऑपरेटर चुन्नी लाल को काउंटर वेट की खामी को पोजिशन में लाने के लिए कहा, ताकि उसमें सुधार किया जा सके। इस पर चुन्नीलाल ने मौके पर मौजूद ठेका श्रमिक कौशल देवांगन से फोन पर काउंटर वेट का पुलकार्ड को ऑन करने के लिए कहा। कौशल देवांगन ने भी बिना जांच किए पुलकार्ड ऑन कर दिया। काउंटर वेट को सुधारने के लिए मशीन के ऊपर जा चुके दोनों श्रमिकों में कमल नारायण वर्मा उसकी चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बीएसपी सूत्रों का कहना है कि लगातार तीन दिन में तीन ठेका श्रमिकों की मौत हुई। 8 मई को एसपी-3 में कमल वर्मा की मौत के बाद बुधवार 9 मई को प्रोजेक्ट एरिया के एसएमएस-3 में बिना सेफ्टी बेल्ट लगाए 20 मीटर ऊंचाई पर काम कर रहे ठेका श्रमिक जनक सिंह (38) की गिरने से मौत हो गई थी। फिर 10 मई को ब्लास्ट फर्नेस-7 के वे ब्रिज में ठेका मजदूर इंद्रजीत सिंह की मौत हो गई थी।
इस हादसे के बाद प्रबंधन स्तर पर जांच में लापरवाही सामने आई थी। विभाग के डीजीएम वी.के. रथ और डीजीएम स्तर के ही विभागीय सुरक्षा अधिकारी डीएसओ वीरेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की खबर मिलते ही अफसरों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
बीएसपी आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र बंछोर ने कहा कि हादसों के बाद निलंबन कोई हल नहीं है और इसका पुरजोर विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि कई पहलू हैं, जिन पर विचार करना होगा। कोई भी अफसर नहीं चाहेगा कि उसकी वजह से कोई जान जाए। प्लांट एरिया में ठेका मजदूर जहां भी काम कर रहे है, जरूरी नहीं है कि उन्हें अच्छी तरह प्रशिक्षित किया गया हो। आज की जरूरत ठेका मजदूरों को ऑन द जॉब प्रशिक्षण देने की है।
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