श्रीनगर, 7 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को यहां जम्मू एवं कश्मीर की दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे।
वह रमजान के दौरान संगर्षविराम के बीच सुरक्षा स्थिति के लिए यहां पहुंचे हैं।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, राज्यपाल एन.एन.वोहरा व सुरक्षा व खुफिया अधिकारियों से अपनी मुलाकात में राजनाथ सिंह व उनके वरिष्ठ अधिकारी 15 जून को समाप्त होने रहे संघर्षविराम को विस्तार देने की संभावना पर फैसला ले सकते है।
राज्य में वार्षिक अमरनाथ तीर्थयात्रा के 28 जून से शुरू हो रही है, लेकिन दिल्ली के साथ-साथ श्रीनगर के कुछ सुरक्षा अधिकारी राज्य में आतंकवाद रोधी अभियानों पर रोक को जारी रखने के पक्ष में नहीं हैं।
केंद्र सरकार 16 मई से संघर्षविराम की घोषणा के बाद से आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड व आईईडी से हमले फिर से शुरू कर दिए है।
दिल्ली से रवाना होने से पहले राजनाथ सिंह ने कहा उनकी यात्रा में जम्मू एवं कश्मीर के युवाओं, सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों और समाज के अन्य वर्गों के साथ बातचीत भी शामिल होगी।
राज्य सरकार संघर्षविराम को रमजान के बाद भी जारी रखना चाहती है, जबकि सूत्रों का कहना है कि सेना के फील्ड कमांडरों की दलील है कि एकतरफा संघर्षविराम से आतंकवादियों को फिर से एकत्र होने व लड़कों की भर्ती में मदद मिल रही है।
राजनाथ सिंह के गुरुवार की शाम महबूबा मुफ्ती द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी में भाग लेने की संभावना है।
गृह मंत्री की प्राथमिकता सूची में एक दूसरा महत्वपूर्ण एजेंडा अलगाववादी नेताओं को दिए वार्ता के प्रस्ताव पर उनके जवाब पर विचार करना है।
राजनाथ सिंह ने कहा है कि केंद्र सरकार अलगाववादियों सहित हर किसी से बात करने के लिए तैयार है, जबकि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने हाल ही में अलगाववादियों को सार्थक वातार्लाप में शामिल होने और कश्मीर में अव्यवस्था को समाप्त करने का प्रस्ताव दिया था।
अलगाववादी नेताओं ने वार्ता प्रस्ताव में स्पष्टता की मांग की है, जिससे उनके वार्ता में शामिल होने से परिणाम मिले।
मुजफ्फराबाद स्थित सशस्त्र समूह यूनाइटेड जेहाद काउंसिल (यूजीसी) ने कश्मीरी अलगाववादी नेताओं की सरकार के साथ वार्ता पर की संभावना पर रोक लगाई है।
अपनी दौरे के दूसरे दिन राजनाथ सिंह जम्मू में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा की समीक्षा करेंगे।
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