नई दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड बिलयारी सांइस में लीवर प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया गया।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जे. पी. नड्डा को पत्र लिखकर इस बच्चे का नि:शुल्क इलाज करवाने का आग्रह किया था। बच्चे के माता-पिता सुनीता साहू और राजपाल साहू गांव में रोजी-मजदूरी करके जीवन-यापन करते हैं।
मंत्री नड्डा के निर्देश पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बच्चे के लीवर प्रत्यारोपण के लिए राष्ट्रीय आरोग्य निधि से 14 लाख रुपये की धनराशि तत्काल मंजूर कर दी गई और यह राशि अस्पताल को दी गई।
दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह कुछ महीने पहले जब कोरिया जिले के प्रवास पर थे, तो गरीब माता-पिता ने अपने बच्चे की जान बचाने के लिए उनसे मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने संजीवनी कोष से बच्चे की प्रारंभिक चिकित्सा के लिए तत्काल एक लाख 50 हजार रुपये मंजूर कर दिया था।
मुख्यमंत्री ने बच्चे के लीवर प्रत्यारोपण में मदद के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को तुरंत चिट्टी लिखी। साथ ही उन्होंने श्रममंत्री और बैकुण्ठपुर के विधायक भईयालाल राजवाड़े को बच्चे के इलाज के लिए आगे की कार्रवाई पूर्ण करने की जिम्मेदारी दी।
मंत्री राजवाड़े ने अपनी ओर से सक्रिय पहल करते हुए इस गरीब परिवार को दिल्ली में इलाज के लिए रहने की सुविधा दिलाई। सुनीता और राजपाल साहू अपने बच्चे के इलाज के लिए दिल्ली के बसंत कुंज में किराए के मकान में लगभग ढाई महीने से निवास कर रहे हैं। आज हुए सफल ऑपरेशन पर मुख्यमंत्री रमन सिंह और श्रम मंत्री राजवाड़े ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बच्चे के स्वस्थ और सुखी जीवन की कामना की है।
डॉक्टरों के अनुसार, लीवर प्रत्यारोपण के बाद बच्चे के दवा आदि पर लगभग 10 लाख रुपये का खर्च संभावित है। श्रममंत्री राजवाड़े ने यह खर्च अपनी ओर से वहन करने का आश्वासन दिया है।
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