किसानों की आय दोगुनी करने में मनरेगा की अहम भूमिका : शिवराज

नई दिल्ली/भोपाल, 12 जुलाई (आईएएनएस)। नीति आयोग की राष्ट्रीय कृषि एवं मनरेगा समिति के अध्यक्ष तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ‘किसानों की आय दोगुनी करने में मनरेगा की महत्वपूर्ण भूमिका है।’

राज्य के जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि नई दिल्ली में समिति की पहली बैठक चौहान की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी सहित नीति आयोग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिताभ कांत और नीति आयोग तथा राज्यों के अधिकारी मौजूद थे।

समिति के अध्यक्ष चौहान ने बिहार और गुजरात के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न विषयों पर चर्चा की। पश्चिम बंगाल और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने समिति को पत्र के माध्यम से सुझाव प्रेषित किए।

चौहान ने बैठक में कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने में मनरेगा की महत्वपूर्ण भूमिका है। कृषि में लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने तथा अपरिहार्य परिस्थिति में फसलों के नुकसान की भरपाई जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विचार किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने तथा किसानों की आय को दोगुना करने में मनरेगा की भूमिका पर विस्तार से विचार-विमर्श के लिए विभिन्न राज्यों में कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। कार्यशालाओं में किसान संगठनों और आम जनता से भी राय ली जाएगी। आयोग की पहली कार्यशाला छह अगस्त को भोपाल में होगी।

चौहान ने कहा कि लखनऊ, पटना, गुवाहाटी और हैदराबाद में भी कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि समिति की 31 अगस्त को दिल्ली में बैठक होगी, जिसमें समिति के निर्णयों का प्रारूप तैयार किया जाएगा। प्रारूप के आधार पर ही समिति नीति आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्तर पर कृषि में मनरेगा की भूमिका पर समन्वित नीतिगत दृष्टिकोण और अनुशंसाएं प्राप्त करने के लिए इस समिति का गठन किया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री चौहान को समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। समिति में सात अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग प्रमुख शामिल हैं।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493