नई दिल्ली, 15 जुलाई (आईएएनएस)। जापानी कंपनी निप्पन लाइफ इंश्योरेंस द्वारा कोयला संयंत्र परियोजनाओं के लिए वित्त मुहैया करवाने पर प्रतिबंध लगाने के फैसले का पर्यावरण से जुड़े एनजीओ और विशेषज्ञों ने स्वागत किया है।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने शनिवार को कहा कि यह फैसला 1.5 डिग्री सेल्सियस विश्व तापन को सीमित करने संबंधी पेरिस समझौते की प्रबिद्धता को मजबूती प्रदान करने के मकसद से लिया गया है।
निप्पन लाइफ इंश्योरेंस ने नए कोयला संयंत्रों के स्थानों पर विचार किए बगैर उन्हें धन मुहैया करवाने पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है।
पर्यावरण संबंधी कार्यो से जुड़े गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) ने कहा, “कोयला से चालित नये बिजली संयंत्रों के लिए धन मुहैया करवाने पर रोक निप्पन इंश्योरेंस कपंनी का फैसला जापानी वित्तीय कंपनियों में अत्यंत प्रगतिशील नीति है क्योंकि कंपनी ने संयंत्रों के स्थानों पर विचार किए बिना उन्हें आगे धन देने पर प्रतिबंध लगाने की योजना बनाई है।”
इन एनजीओ में जापान सेंटर फॉर सस्टेनेबल एनवारयमेंट एंड सोसायटी, फ्रेंड्स ऑफ द अर्थ जापान, किको नेटवर्क, 350.ओआरजी जापान, ग्रीनपीस जापान और रेनफोरेस्ट एक्शन नेटवर्क शामिल है।
इनर्जी फाइनेंस स्टडीज इंस्टीट्यूट फॉर इनर्जी इकॉनोमिक एंड फाइनेंशियल एनैलाइसिस (आईईईएफए) के डायरेक्ट टिम बकले ने कहा, “चीन के साथ-साथ जापान की कोयला से चालित बिजली संयंत्र में एशिया में अहम भूमिका है। यह कोयला संयंत्रों के लिए सबसे बड़ा वित्त पोषक और प्रमोटर है। यह वास्तव में महत्वपूर्ण घोषणा है जिससे अन्य सभी जापानी वित्त पोषकों पर दबाव होगा।”
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