मुंबई, 16 जुलाई (आईएएनएस)। फिल्मकार शादाब खान का कहना है कि उन्होंने अपनी आगामी फिल्म ‘दिल्ली 47 किमी’ के माध्यम से शिक्षा के अधिकार के महत्व पर ध्यान दिलाने की कोशिश की है।
शादाबा ने कहा,”दिल्ली 47 किमी में कई परतें हैं और उनमें से एक शिक्षा का अधिकार ‘है। फिल्म में हमने दिखाया है कि कैसे मिंटू नाम का बच्चा शिक्षा से वंचित है और अपने पिता द्वारा हथियारों के व्यापार का काम करता है क्योंकि उसके पिता का मानना है कि शिक्षा से उसका कुछ भला नहीं होगा।”
देश के आम नागरिकों को समान अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर शाबाज कहते हैं, “मुझे लगता है कि ‘सभी को समान और कोई विशेषाधिकार न हो’ इस नारे के साथ देश को आगे ले जाना चाहिए। हम गरीब वर्ग को शिक्षा न देने पर एक समाज के रूप में पूरी तरह से सफल नहीं हो सकते हैं।”
‘दिल्ली 47 किमी’ एक ऐसे क्षेत्र की कहानी है जो भारतीय राजधानी से केवल 47 किलोमीटर दूर है और इस क्षेत्र में मादक पदार्थो व अवैध हथियारों का व्यापार और बच्चे व वेश्यावृत्ति में लिप्त महिलाएं शोषण का शिकार हैं।
फिल्म में जिगर रावल, सचिन सक्सेना और रजनीश दुबे भी नजर आएंगे।
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