रमन सिंह ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत सहित पूरी दुनिया की विविधतापूर्ण जनजातीय संस्कृति संपूर्ण मानव समाज की अनमोल धरोहर है। आधुनिक युग में आदिवासी समाज भी शिक्षा, ज्ञान, विज्ञान, कला, संस्कृति आदि जीवन के हर क्षेत्र में तेजी से तरक्की कर रहा है।
छत्तीसगढ़ सरकार भी राज्य के आदिवासी समुदायों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए वचनबद्ध है। प्रदेश में आदिवासी जनसंख्या लगभग 32 प्रतिशत है जबकि राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 के अपने मुख्य बजट में 34 प्रतिशत राशि आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विकास पर खर्च करने का प्रावधान किया है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने अपने यहां के आदिवासी बहुल इलाकों के विकास के लिए वर्ष 2004-05 में जन प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से दो विशेष विकास प्राधिकरणों का गठन किया है।
राज्यपाल बलराम दासजी टंडन ने अपने संदेश में कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय बाहुल्य प्रदेश है और यहां की जनजातीय कला और संस्कृति अनूठी है। आदिवासी समुदाय जिस प्रकार प्रकृति से तादात्म्य स्थापित करके अपना जीवन यापन करते हैं, वह अनुकरणीय है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के तहत आदिवासियों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश और देश को समृद्धि व खुशहाली की राह में ले जाने की दिशा में आदिवासी समाज इसी प्रकार सहभागिता करता रहेगा।
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