अक्षय कुमार ने किया ‘भगवद् गीता-सेइंग इट दि सिंपल वे’ का अनावरण

नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने शनिवार को प्रसिद्ध लेखक विजय सिंगल की पुस्तक ‘भगवद् गीता-सेइंग इट दि सिंपल वे’ का अनावरण किया।

जीवन को सर्वथा बदल देने में सक्षम भगवद् गीता के श्लोकों का हिंदी व अंग्रेजी अनुवाद एक साथ होना इस पुस्तक की विशेषता है जिससे पाठकों के लिए श्लोकों के मर्म को समझ पाना आसान हो जाता है। हर पृष्ठ पर केवल दो श्लोक और हिंदी तथा अंग्रेजी में अर्थ होने से पृष्ठ पर मैटर की घिचपिच नहीं है ताकि पाठकों की रुचि बनी रहे।

एक पूर्व नौकरशाह विजय सिंगल आध्यात्मिकता, दर्शन, मनोविज्ञान और धर्म के क्षेत्र में एक प्रसिद्ध लेखक हैं। उन्होंने श्लोकों को सरल और स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत किया है। भावार्थ की प्रस्तुति ऐसी है कि ध्यान मुख्य कथन से न भटके। विद्वान लेखक ने यह भी सुनिश्चित किया कि श्लोकों का अर्थ न केवल सटीक हो बल्कि वे उनके मर्म को भी समझ सकें।

पुस्तक के अनावरण से पहले अक्षय कुमार और सिंगल के साथ पुस्तक पर एक संक्षिप्त चर्चा का आयोजन किया गया जिसका संचालन बिजनेसवल्र्ड पत्रिका के अध्यक्ष एवं मुख्य संपादक अनुराग बत्रा ने किया। चर्चा भगवद् गीता के दर्शन से संबंधित थी और यह कि आज के इन्सान के लिए इसकी शिक्षाओं की व्यावहारिक उपयोगिता क्या है।

विजय सिंगल एक लब्धप्रतिष्ठ लेखक हैं और उनकी पूर्व प्रकाशित पुस्तकें-ए डिविनिटि इन फ्लो – गंगा, एब्सोल्यूट वननेस – दि जर्नी विधिन, हिंदुइज्म – फ्रॉम माया टु मोक्ष, बिहाइंड साइकोलॉजी – सचिर्ंग फॉर दि रूट्स, साइकी ऑफ दि कॉमन मैन, मनोविज्ञान – जीवन का रहस्य, एटर्नल ईकोज – दि जर्नी टु दि सेल्फ एवं स्र्पाकलिंग पंजाब सदाबहार बेस्ट-सेलर हैं।

अपनी नई पुस्तक के बारे में सिंगल ने कहा, “उन्माद के इस जमाने में, कोई भी व्यक्ति आसानी से समाज के चलन में डूब कर अपना समय गंवा सकता है और अंत में वह पाता है कि उसके पास कुछ नहीं बचा और वह शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी सूनेपन का शिकार है। गीता के श्लोक हमें यह संदेश देते हैं कि हमें तस्वीर को समग्रता में देखने की आवश्यकता है। हमें अपने विचारों को नियंत्रित करने की आवश्यकता है ताकि हम अनावश्यक चिंता से बच सकें। हमें यह समझने की आवश्यकता है कि हमारी समस्याएं बाधाएं नहीं हैं बल्कि सफलता की सीढ़ियां हैं।”

अक्षय कुमार ने कहा, “इस पवित्र पुस्तक का अनावरण करते हुए मुझे अत्यंत हर्ष हो रहा है। मैंने हमेशा अपने दैनिक जीवन में गीता की कुछ शिक्षाओं का उपयोग किया है। इससे मेरा जीवन कुछ कम जटिल और थोड़ा अधिक शांत हो गया है। मेरा विश्वास है कि भगवान एक है और आप खुद को समझने और अंतज्र्ञान के लिए कोई भी रास्ता अपनाएं, अंततरू वह परमपिता परमेश्वर की ओर ही ले जाएगा।”

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