नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति व रंगभेद के खिलाफ आवाज उठाने के लिए पहचाने जाने वाले नेल्सन मंडेला के पोते नदाबा मंडेला ने ‘गोइंग टू द माउंटेन’ नामक एक संस्मरण लिखा है, जिसमें उन्होंने अपने दादा से मिली शिक्षाओं और दक्षिण अफ्रीका के फिर से उभरने जैसी बातों का जिक्र किया है।
इस किताब को पेंगुइन रैंडम हाउस द्वारा प्रकाशित किया गया है, जिसमें कहा गया है कि यह एक उल्लेखनीय यात्रा से जुड़ी यादों के बारे में है।
प्रकाशक ने एक बयान में कहा, “एक छोटे लड़के के रूप में, नदाबा लगातार एक जगह से दूसरी जगह जाते रहे, लेकिन 11 वर्ष की उम्र में अप्रत्याशित रूप से उन्हें अपने दादा नेल्सन मंडेला के साथ रहने के लिए बुलाया गया था, भले ही इससे पहले वह एक बार मंडेला के जेल में रहने के दौरान उनसे मिले थे और धीरे-धीरे, दोनों के बीच एक बेहतरीन रिश्ता बन गया, जिसने दोनों को गहराई से प्रभावित किया।”
प्रकाशक ने कहा है कि नेल्सन मंडेला से नदाबा ने धैर्य की भावना, क्षमा की जीत, प्रतिरोध की शक्ति और सुलह की सुंदरता जैसी बातें सीखी।
प्रकाशक ने कहा है कि बड़े होने पर अब नदाबा को अपने दादा के प्रति प्यार और समर्थन दिखाने का मौका मिला।
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