बता दे कि कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी के छोटे भाई के समधी व गोहारी के पूर्व प्रधान सरवन सिंह की बीती 13 जनवरी को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कर्मवीर पुत्र प्रह्लाद समेत छह लोगों को नाम सामने आया था। लेकिन हत्या के वक्त कर्मवीर के जेल में होने से छाता पुलिस ने उसके खिलाफ जेल में बैठकर हत्या की साजिश रचने के आरोप में 120बी का मुजरिम बनाया था।
17 अगस्त को आरोपी कर्मवीर को जेल से छाता के मुंसिफ कोर्ट में तारीख पर लाया गया। जहां नकाबपोश हमलावरों ने पुलिस वैन बैठे कर्मवीर को गोली मार दी थी। कंधे में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हुआ था। नयति अस्पताल में चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर उसके कंधें में लगी गोली निकाल दी थी लेकिन सके एक पैर ने काम करना बंद कर दिया था। इसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए जयपुर ले गए। उसके साथ पुलिस गारद भी जयपुर गई थी, जहां सोमवार-मंगलवार रात उसकी मौत हो गई।
सीओ (छाता) चंद्रधर गौड़ ने बताया कि जयपुर में इलाज के दौरान कर्मवीर के पैर ने काम करना शुरू कर दिया था, लेकिन सोमवार-मंगलवार देर रात उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने उसकी मौत का कारण हार्टअटैक बताया है।
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