अगरतला/गुवाहाटी, 3 सितम्बर (आईएएनएस)। देश के दक्षिणी और उत्तरी हिस्से में जहां चालू मॉनसून सीजन में भारी बारिश दर्ज की गई, वहीं पूर्वोत्तर में मॉनसूनी बारिश औसत से कम हुई है।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर के आठ पहाड़ी राज्यों में चार महीने रहने वाले मॉनसून सीजन के शुरुआती तीन महीनों में 27 फीसदी कम बारिश हुई है।
गुवाहाटी और अगरतला स्थित भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि जून से लेकर सितंबर तक भारत के पूवरेत्तर में स्थित अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा में 93 फीसदी बारिश हो सकती है।
पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को मौसम विज्ञान विभाग के चार सब डिवीजनों में बांटा गया है।
आईएमडी के आधारिक रिपोर्ट के अनुसार, जून से अगस्त तक तीन महीनों के दौरान नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा सबडिवीजन में 1,013.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि यहां औसत बारिश इन तीन महीनों में 1,227.9 मिलीमीटर होती है। इस प्रकार यहां 17 फीसदी कम बारिश हुई है।
अरुणाचल प्रदेश में 35 फीसदी कम बारिश हुई है, क्योंकि यहां अब तक मॉनसूनी बारिश 921.6 मिलीमीटर हुई। जबकि औसत बारिश 1,412.9 मिलीमीटर होती है।
असम और मेघालय में 1,048.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जोकि औसत बारिश 1,486.8 मिलीमीटर से 19 फीसदी कम है।
सिक्किम में मॉनसून सीजन के शुरुआती तीन महीनों में सामान्य तौर पर 1,623.8 मिलीमटर बारिश होती है, जबकि इस साल 1,316.9 मिलीमीटर यानी 19 फीसदी कम बारिश हुई है।
आईएमडी के निदेशक दिलीप साहा ने आईएएनएस को बताया, “पूवरेत्तर के क्षेत्र में बारिश के लिए अधिक दबाव का क्षेत्र समेत मॉनसून की दशाएं समान रूप से सक्रिय नहीं थीं।”
dharmpath.com dharmpath