नई दिल्ली, 6 सितम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि सरकार जल्द ही एक ड्रोन नीति बनाकर उसे लागू करेगी और जम्मू एवं कश्मीर, गुजरात और असम में आतंकवादी गतिविधियों की निगरानी के लिए तकनीकी उन्नयन किया जाएगा।
गृह मंत्री ने कहा कि नई नीति ड्रोन के उपयोग पर व्यापक नियमों का खुलासा करेगी, जिन्हें भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठान में तेजी से शामिल किया जा रहा है ताकि नक्सल प्रभावित घने जंगलों समेत सुरक्षा जोखिमों वाले संवेदनशील इलाकों की निगरानी हो सके।
उन्होंने यहां सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के सहयोग से पीएचडी चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित तीन दिवसीय रक्षा और आंतरिक सुरक्षा प्रदर्शनी एवं सम्मेलन-2018 का उद्घाटन करते हुए यह घोषणा की।
आतंकवाद से संबंधित चुनौतियों का जिक्र करते हुए सिंह ने विशेष रूप से जम्मू एवं कश्मीर, गुजरात और असम में आतंकवादी गतिविधियों की निगरानी और जांच करने के लिए तकनीकी उन्नयन और आधुनिकीकरण की घोषणा की।
सिंह ने कहा, “हमारे सुरक्षा बल दुनिया की सबसे लंबी सीमाओं में से एक की रक्षा कर रहे हैं, जो 7,500 किमी से अधिक है। इसमें से 900 किलोमीटर की लंबाई वाली सीमा पर भौतिक बाधा लगाना संभव नहीं है। ऐसी लंबी खुली सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए, हमें लेजर, रडार और अन्य नवीनतम तकनीकों का उपयोग करने की जरूरत है।”
मंत्री ने साइबर अपराध का मुकाबला करने के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिसे उन्होंने आज दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती करार दिया।
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