अमृतसर, 27 सितम्बर (आईएएनएस)। पंजाब पुलिस की तेज रफ्तार जीप की छत से गिरने वाली महिला के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के बाद अमृतसर जिले के ग्रामीणों ने गुरुवार को पुलिस की मनमानी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। महिला को कथित रूप से जबरन जीप की छत पर बिठाया गया था।
शहजादा और उसके आसपास के गांवों के प्रदर्शनकारियों ने गांव के समीप एक सड़क को जाम कर दिया और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शहजादा गांव की रहने वाली करीब 35 वर्षीय जसविंदर कौर 25 सितंबर को पुलिस जीप की छत से गिर गई थी, यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी। मामला उस वक्त सामने आया जब सोशल मीडिया पर फुटेज वायरल हो गया।
महिला के सिर और कलाई पर चोट आई है और उसे मजीठा शहर के एक सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसने आरोप लगाया कि अमृतसर जिले के चविंडा देवी इलाके में गिरने से पहले पुलिस उसे तीन किलोमीटर तक छत पर बिठाकर ले गई थी।
पुलिस ने कौर और उसके परिवार के सात से आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने उनके ऊपर पुलिस टीम पर हमला करने और वाहन को क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अपराध शाखा टीम के खिलाफ भी एक मामला दर्ज किया गया है, जो महिला के ससुर कुलवंत सिंह को गिरफ्तार करने के लिए उसके घर पर गई थी।
पुलिस ने जांच का आदेश भी दिया है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस दोषी कर्मियों को बचा रही है और पीड़ित के खिलाफ मामला दर्ज कर मनमानी कर रही है।
महिला ने पुलिसकर्मियों पर उसे जबरन जीप के बोनट पर बिठाने का आरोप लगाया और दावा किया कि वह खुद को बचाने के लिए चलते वाहन की छत से कूदी थी।
पुलिस ने कहा कि महिला और अन्य ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला किया और वाहन की खिड़की के शीशे को भी तोड़ दिया।
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