अब कमजोरियों का सामना करने लगा हूं : वरुण मित्रा (साक्षात्कार)

प्रज्ञा कश्यप

प्रज्ञा कश्यप

नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। फिल्म ‘जलेबी’ के लिए दिग्गज फिल्मकार महेश भट्ट के साथ ही दर्शकों की भी प्रशंसा हासिल करने वाले वरुण मित्रा ने कहा कि महेश भट्ट के साथ काम करना उनके लिए यादगार अनुभवों में से एक है और अब वह अपनी कमजोरियों व कमियों का सामना करने लगे हैं।

वरुण ने हालिया रिलीज फिल्म ‘जलेबी’ में महेश भट्ट के साथ काम करने के अनुभवों को साझा करते हुए आईएएनएस को बताया, “भट्ट के साथ काम करना शानदार रहा। जाहिर सी बात है कि चूंकि मेरा करियर अभी शुरू ही हुआ है, इसलिए किसी भी नए कलाकार को शुरुआत में इतने बड़े फिल्मकार के साथ काम में घबराहट तो होगी, लेकिन मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है।”

महेश भट्ट के सहयोग से विशेष फिल्म्स द्वारा प्रस्तुत फिल्म ‘जलेबी’ 12 अक्टूबर को रिलीज हुई थी। इसमें वरुण के अलावा अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और दिगांगना सूर्यवंशी भी शामिल हैं। फिल्म की अधिकांश शूटिंग दिल्ली में हुई है। इसका निर्देशन पुष्पदीप भारद्वाज ने किया है।

दिल्ली में शूटिंग के अनुभवों के बारे में पूछे जाने पर वरुण ने कहा, “हमें बहुत मजा आया। वैसे तो पुरानी दिल्ली के मार्केट एरिया में कई फिल्मों के गाने शूट हुए हैं, लेकिन हमने यहां अपनी फिल्म के काफी दृश्यों की शूटिंग की है। यही नहीं, यहां हमने कई शॉट अचानक भी लिए।”

‘जलेबी’ अन्य रोमांटिक फिल्मों से कैसे अलग है, यह बताते हुए वरुण कहते हैं, “सबसे पहली बात तो यह कि ‘जलेबी’ उन पारंपरिक प्रेम कहानियों की तरह नहीं है, जहां लड़का-लड़की की शादी हो जाती है और फिल्म खत्म हो जाती है। हमारी फिल्म उसके आगे की कहानी को बताती है और यह भी कि किस तरह दोनों के सामने शादी के बाद चुनौतियां आती हैं और उनकी राहें जुदा हो जाती हैं। फिल्म यर्थाथवाद के करीब है। फिल्म में प्यार, शादी और जिंदगी से जुड़ी कई जटिलताओं को पेश किया गया है।”

भट्ट प्रोडक्शंस के अंदर काम करने के दौरान किसी तरह की चुनौती महसूस हुई, यह पूछे जाने पर वरुण ने बताया, “जी हां, कुछ चुनौतियां महसूस हुईं, जिन्हें मैं बताना चाहूंगा। जब आप महेश भट्ट के साथ काम कर रहे होते हैं तो आप लाख कोशिश करें लेकिन आपकी कमियां, कमजोरिया और खामियां बाहर आ जाती हैं और जब वे बाहर आती हैं तो जाहिर है, आपको उससे काफी दुख होता है।

उन्होंने कहा, “चूंकि हम उन कमजोरियों को अनदेखा करने के लिए दिमाग के किसी कोने में छुपा देते हैं, लेकिन भट्ट साहब के साथ काम करने के दौरान मुझे महसूस हुआ कि वे चीजें बाहर आ रही हैं और मैं इनका सामना कर पा रहा हूं। यह बहुत ही अच्छी बात है कि आप अपनी कमजोरियों का सामना कर उन पर काबू पाने की कोशिश करते हैं।”

वरुण कहते हैं, “मुझे उनके साथ काम करने के दौरान यह सीखने को मिला कि अगर हम अपनी कमियों या कमजोरियों का सामना करते हैं तो यह इससे हमारा ही फायदा होता है। पहले मैं अपने जज्बात को दबाकर रखता था, लेकिन भट्ट साहब के साथ काम करने के बाद से मैं अब उन्हें साझा करने लगा हूं।”

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