व्यक्तित्व से निर्धारित होता है आपका स्वास्थ्य

indexलंदन, 13 दिसंबर – आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली किसी संक्रमण से कितना प्रभावी ढंग से निपट सकती है, यह आपके व्यक्तित्व पर निर्भर करता है। भारतवंशी वैज्ञानिक ने एक नए शोध के दौरान इस बात का खुलासा किया है। निष्कर्ष के मुताबिक, बहिर्मुखी लोग चूंकि सामाजिक रूप से अधिक केंद्रित होते हैं, इसलिए अधिक सामाजिक गतिविधियों के कारण उनके संक्रमण के संपर्क में आने की संभावना अधिक होती है, जिसके कारण उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली के मजबूत होने की संभावना होती है। जबकि अंतर्मुखी स्वभाव वालों के साथ ऐसा नहीं होता।

ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम की प्रोफेसर कविता वेधारा ने कहा, “हमारे निष्कर्ष में यह बात सामने आई है कि बहिर्मुखी व्यक्तित्व वाले लोगों में ऐसे जिंस होते हैं, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देते हैं, जबकि दूसरी तरफ अंतर्मुखी स्वभाव वाले लोगों में ऐसे जिंस कम सक्रिय होते हैं।”

शोधकर्ताओं ने व्यक्तित्व संबंधी कुछ लक्षणों तथा जिंस की अभिव्यक्ति का अध्ययन किया, जो हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली की गतिविधियों पर नियंत्रण कर हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।

मानव के व्यक्तित्व से संबंधित पांच प्रमुख लक्षणों तथा श्वेत रक्त कणिका में सक्रिय जिंस के दो समूहों के अध्ययन के लिए वैज्ञानिकों ने बेहद संवेदनशील माइक्रोएरे प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया।

शोध के प्रतिभागियों का व्यक्तित्व परीक्षण किया गया, जिसमें उनकी बहिर्मुखता, मनोविक्षुब्धता, खुलापन, प्रियता तथा कर्तव्यनिष्ठा की जांच की गई।

वेधारा ने कहा, “वैसे लोग जो बहिर्मुखी स्वभाव के होते हैं, उनकी सामाजिक गतिविधियां अधिक होती हैं, जिसके कारण संक्रमण से उनका सामने होने की संभावना अधिक होती है, जिसके कारण उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली ज्यादा प्रभावी तरीके से काम करती है।”

उन्होंने कहा, “वैसे लोग जो अंतर्मुखी स्वभाव के होते हैं, उनका संक्रमण से सामना होने की संभावना कम होती है, क्योंकि उनकी सामाजिक गतिविधियां सीमित होती है। इस कारण उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कम प्रभावी तरीके से काम करती है।”

यह अध्ययन पत्रिका ‘साइकोन्यूरोएंडोक्राइनोलॉजी’ में प्रकाशित हुआ है।

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