चंडीगढ़, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने बुधवार को कहा कि अकाली दल और इसके नेता किताब का मुद्दा उठाकर केवल धार्मिक भावनाएं भड़काने का काम कर रहे हैं।
अकाली दल ने आरोप लगाया था कि राज्य की कांग्रेस सरकार ‘सिख इतिहास से छेड़छाड़’ कर रही है, जिसके बाद पंजाब के ग्रामीण और शहरी विकास मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने यह बयान दिया है।
बाजवा ने पांच बार के मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल और अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर ‘अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के जरिए धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाया।’
उन्होंने कहा, “गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी और एसजीपीसी व अकाल तख्त साहिब का दुरुपयोग करने के लिए लोगों द्वारा बहिष्कार किए जाने के बाद एक अदद एजेंडा के लिए तरस रहे बादल एक बार पंजाब को आग में झोंकना चाहते हैं, जैसे पार्टी ने 1980 में किया था।”
किताब मामले में पंजाब सरकार का बचाव करते हुए बाजवा ने कहा कि बादल पंजाब विद्यालय शिक्षा बोर्ड के कक्षा 12वीं की इतिहास की किताब में ‘गलतियों’ के मुद्दे का नाजायज लाभ उठाना चाहते हैं। इसे मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के आदेश पर पहले ही वापस ले लिया गया है।
बाजवा ने कहा कि किताब तैयार करने की जिम्मेदारी जिन छह सदस्यीय समिति को दी गई थी, उनमें से चार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जाने-माने इतिहासकार और दो सिख इतिहासकार हैं।
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