शहर की मंडी समिति के निकट स्थित गोपाल गौशाला में यह दर्दनाक घटना हुई। 11 गायों की मौत होने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तक्काल हरकत में आ गया और मौके पर इंस्पेक्टर कोतवाली नगर पंकज मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और घटना की सूचना जिला प्रशासन को दी। एसडीएम सदर भी मौके पर पहुंचे।
गायों की मौत के लिए गौशाला का प्रबंधन को स्पष्ट जिम्मेदार बताया जा रहा है। इस घटना पर पर्दा डालने के लिए तत्काल जेसीबी मशा़ीन से गहरा गड्डा खुदवाकर मृत गायों को उसमें डालने से पहले प्रशासन को सूचना नहीं दी गई।
बताया जा रहा है कि गौशाला को रोशन करने के लिए छत पर रखी पानी की टंकी पर भी बिजली की झालर डाली गई। गौशाला तो रोशन हुई, लेकिन पानी की टंकी में उतरे करंट से बुधवार की रात 11 गायों की जान जाने के बाद गौशाला प्रबंधन की आंख खुली, लेकिन जब तक बहुत देर हो चुकी थी।
बारीकी से जांच के बाद पता चला कि गौशाला के कर्मचारी दिवाली मनाने मे इतने मस्त थे कि वह गौशाला में गायों को पानी पिलाने के लिए लगी समर पंप को चलाने के बाद बंद करना भूल गए और छत पर लगी पानी की टंकी से पानी ओवरफ्लो होकर ऊपर से निकल कर चारों ओर बहने लगा, जिस पर सजावट के लिए लगी झालर के तार से करंट पानी के साथ नीचे उतर आया और गौशाला में लोहे के गेट के किनारे बैठी गाय करंट की चपेट में आ गई।
अपनी गलती छुपाने के लिए घबराए गौशाला प्रबंधन में आनन-फानन में जेसीबी बुलाकर गौशाला के पास ही एक बड़ा गड्ढा खुदवाकर उसमें गायों को दफन करने का प्रोग्राम बना लिया। जब वे 11 मरी गायों को दफन करने की तैयारी कर रहे थे, उसी समय सूचना मिलने के बाद वहां आसपास के लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई और घटना की सूचना थाना पुलिस को दी गई।
प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने मृतक गायों का घटनास्थल पर ही पोस्टमार्टम करा उनका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया। इस पूरे क्रम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर का विशेष योगदान देखने को मिला। उन्होंने पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए ले जाई जा रही गायों पर बाजार से शालें मंगाकर उढ़वाकर व नमक की कई बोरियां मगाकर गड्ढे में डलवा कर उनका ससम्मान अंतिम संस्कार कराया।
गोपाल गौशाला के मुनीम नंदकिशोर गुप्ता ने बताया कि दिवाली पर गौशाला की सजावट के लिए झालर डाली गई थी, जिसमें झालर पानी की टंकी के ऊपर भी पड़ी थी, जहां से पानी की टंकी छलक के पानी ऊपर आ गया और पानी के साथ करंट आने से गायों की मौत हो गई।
dharmpath.com dharmpath