ताइवान ने समलैंगिक विवाह को खारिज किया

ताइपे, 25 नवंबर (आईएएनएस)। ताइवान ने समलैंगिक विवाह को खारिज कर दिया है।

मार्च 2017 में उच्च न्यायालय के द्वारा ऐसे यूनियनों के पक्ष में फैसला देने के बाद यह जनमत सर्वेक्षण आया है जिन्होंने संसद को कानूनों में संशोधन करने या नए कानून पास करने के लिए दो साल का समय दिया था।

बीबीसी ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि कैसे शनिवार का मतदान कानून को प्रभावित करेगा।

सरकार ने पहले कहा था कि शनिवार को हुआ जनमत संग्रह न्यायालय के फैसले के लिए जरूरी बदलावों को लाने से प्रभावित नहीं होगा।

रूढ़िवादी समूहों ने पूछा कि क्या ताइवान के नागरिक संहिता में एक आदमी और एक महिला के बीच विवाह को एक यूनियन के रूप में परिभाषित करने को लेकर कोई बदलाव नहीं होना चाहिए जबकि लेस्बियन, समलैंगिक, बाइसेक्शुअल, और ट्रांसजेंडर (एलजीबीटी) एक्टिविस्ट्स ने समान विवाह अधिकारों की मांग की थी।

प्रारंभिक परिणामों ने दर्शाया कि रूढ़िवादियों को भारी समर्थन मिला, जबकि समलैंगिक अधिकार वाले कार्यकर्ता विफल रहे।

अधिकारियों को अब नागरिक संहिता में बदलाव किए बिना एक विशेष कानून पारित किए जाने की उम्मीद है।

बीबीसी ने बताया कि अभियान चलाने वालों को डर है कि संभावित कानून कमजोर होगा।

ताइवानी मीडिया ने कहा कि एक संभावित परिणाम यह हो सकता है कि समलैंगिक जोड़ों को कानूनी सुरक्षा दी जाएगी लेकिन शादी करने की अनुमति नहीं है।

एक संवाददाता सम्मेलन में शनिवार को राष्ट्रपति साई इंग-वेन, जिन्होंने स्थानीय चुनावों में हार के बाद ताइवान की सत्तारूढ़ पार्टी की नेता पद को छोड़ दिया, उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी पार्टी डेमोक्रेटिक प्रोगेसिव पार्टी (डीपीपी) को महत्वपूर्ण स्थानीय मुद्दों की वजह से हार का मुंह देखना पड़ा।

राष्ट्रपति ने कहा, “हमारे प्रयास पर्याप्त नहीं थे और हमने अपने सभी समर्थकों को निराश किया।”

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493