भोपाल, 4 दिसंबर (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो चुका है, नतीजे अभी नहीं आए हैं। मतगणना 11 दिसंबर को होने वाली है, मगर इससे पहले राज्य मंत्रिमंडल की बैठक बुधवार (5 दिसंबर) को बुलाई गई है। मंत्रिपरिषद की इस बैठक की चुनाव आयोग से अनुमति नहीं ली गई है। कांग्रेस ने इस बैठक पर आपत्ति दर्ज कराई है।
राज्य शासन के उपसचिव संजीव श्रीवास्तव ने मंगलवार को एक आधिकारिक आदेश में अधिकारियों से बुधवार को साढ़े 10 बजे से होने वाली मंत्रिपरिषद की बैठक के समय अपने-अपने कक्ष में उपस्थित रहने को कहा है।
मंत्रिपरिषद की बैठक पर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने ऐतराज जताया है और कहा है कि मुख्यमंत्री नया जनादेश के पहले ही असंवैधानिक कार्य किए जा रहे हैं और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने राज्यपाल और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से इन गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है।
सिंह ने अपने बयान में कहा कि मुख्यमंत्री जनादेश से पहले स्वहित की फाइलों को निपटाने में लगे हुए हैं। सवाल उठता है कि नया जनादेश आने वाला है। लिहाजा, प्रदेश में ऐसी कौन सी आपातकालीन स्थिति बन गई है, जिसके लिए मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाना आवश्यक है।
वहीं संवाददाताओं ने जब मंत्रिपरिषद की प्रस्तावित बैठक के संबंध में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वी.एल. कांताराव से जानकारी लेना चाही तो उनका जवाब था कि उन्हें अभी तक मंत्रिपरिषद की बैठक की कोई सूचना नहीं है और न ही उनसे कोई अनुमति ली गई है। जहां तक चुनाव आयोग के निर्देशों का सवाल है, सरकार कोई नीतिगत फैसला नहीं ले सकती।
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