अस्थाना के खिलाफ ठोस सबूत, गहन जांच की जरूरत : वर्मा

नई दिल्ली, 7 दिसम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) के निदेशक आलोक वर्मा ने शुक्रवार को एजेंसी के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के फैसले का बचाव किया और कहा कि अस्थाना के विरुद्ध लगे ‘भ्रष्टाचार और वसूली के गंभीर आरोपों’ की गहन जांच कराए जाने की जरूरत है।

दिल्ली उच्च न्यायालय में एफआईआर निरस्त करने की मांग वाली अस्थाना की याचिका का विरोध करते हुए वर्मा ने कहा कि याचिका सुनवाई करने योग्य नहीं है और गलत तरीके से पेश की गई है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि यह केवल उनकी(वर्मा) छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया है।

दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में चल रही सुनवाई से अलग है, जहां न्यायालय ने वर्मा को सीबीआई प्रमुख के तौर पर उनकी सारी शक्तियों और जिम्मेदारियों से हटाने के मोदी सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।

वर्मा ने अपने हलफनामे में कहा है, “शिकायतकर्ता सतीश बाबू सना ने अस्थाना पर किसी खास मामले में कार्रवाई करते समय और उसके बाद भ्रष्टाचार, वसूली और कदाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। इसीलिए इस तरह की गंभीर प्रकृति के आरोपों को प्राप्त करने के बाद, सीबीआई के जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर करने की जिम्मेदारी थी।”

उन्होंने कहा कि एफआईआर को सभी मौजूदा कानून, नियमों और प्रक्रियाओं का पालन कर दर्ज किया गया है।

वर्मा ने कहा कि अस्थाना के खिलाफ ‘दोषी ठहराने वाली सामग्रियों’ को जब्त किया गया और जांच एजेंसी में लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए एक गहन जांच की जरूरत है।

अस्थाना की याचिका को खारिज करने की मांग करते हुए, वर्मा ने कहा कि अस्थाना के विरुद्ध गंभीर आरोपों की गहन जांच की जरूरत है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493