राम मंदिर निर्माण हम ही करेंगे, जनेऊ दिखाकर लोग भटका रहे : योगी आदित्यनाथ

लखनऊ– उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा की मंदिर की बात वे ही नकारते रहे हैं वह आज जनेऊ और गोत्र की बात कर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।

योगी ने कहा कि इस बार कुंभ में ऐसे इंतजाम कराए हैं कि स्वच्छता के प्रतीक के कारण एक मक्खी भी नजर नहीं आएगी। भारत की आजादी के बाद यह पहला कुंभ होगा, जिसमें गंगा का शुद्ध जल आने वाले सभी श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा कि 12 से 15 करोड़ लोग कुंभ में आते हैं, जिसमें किसी भी प्रकार का भेद नहीं होता है। कुंभ आयोजन में पूरा देश बिना किसी आमंत्रण के प्रयाग की धरती पर आता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राम नगरी अयोध्या में समरसता कुंभ का आयोजन संपन्न हुआ और आज प्रदेश की राजधानी में चौथा वैचारिक ‘युवा कुंभ’ के रूप में आयोजित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे युवा देश भारत है इस युवा शक्ति ने केवल देश ही नहीं, दुनिया में भी अपनी ऊर्जा एवं प्रतिभा का संपूर्ण प्रदर्शन किया है, जो राष्ट्र हित में लाभदायक सिद्ध हुआ है। अगर दुनिया का सबसे युवा देश भारत है तो देश का सर्वाधिक युवा उत्तर प्रदेश में हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान प्रदेश की वर्तमान सरकार और साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में केंद्र सरकार ने जो कार्यक्रम संचालित किए, उससे युवाओं को अपनी प्रतिभा को देश के समक्ष रखने का अवसर मिला।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के अंदर स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम के तहत 5 लाख से अधिक युवाओं को स्वावलंबन की ओर अग्रसित कर महत्वपूर्ण कार्य किया गया है।

योगी ने कहा कि सैकड़ों वर्षो से हमारे खिलाफ दुष्प्रचार हो रहा है। ये दुष्प्रचार का ही हिस्सा है कि आर्य भारत के नहीं हैं। धरती, गंगा, गौ सबको मां संबोधित करते हैं। कुंभ का आयोजन नारी विरोधी कैसे हो सकता है।

उन्होंने कहा कि दुष्प्रचार में आर्यो को आक्रांता बताया गया। कुंभ को महिला विरोधी, समाज विरोधी, युवा विरोधी, पर्यावरण विरोधी बताया गया। यही कारण था कि इस दुष्प्रचार के खिलाफ हमारे विचारकों ने कुंभ से पहले ऐसे आयोजन का निर्णय लिया। 30 जनवरी को प्रयागराज में सर्वसमावेशी कुंभ का आयोजन होगा, जिसमें सभी पंथ के धमार्चार्य शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि कुंभ को युवा विरोधी भी बताया गया है इसलिए लखनऊ में वैचारिक कुंभ का आयोजन किया गया है।

उन्होंने कहा कि साढ़े चार सौ साल बाद कुंभ में सरस्वती कुंड और अक्षयवट का लोग दर्शन कर पाएंगे। अकबर के किला बनाने के बाद दर्शन बंद हो गया था। कुंभ को दलित विरोधी भी बताया गया। हम युवाओं को सम्मानजनक ढंग से स्वावलंबी बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि युवा राष्ट्र निर्माण में अपनी उर्जा लगाएं। सकारात्मक सोच से आगे बढ़ें युवा। कौन है जो धरती मां के लिए षड्यंत्र रच रहा है? उसको युवा समझें और भारत को परम वैभव तक पहुंचाएं।

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