Iभोपाल- मप्र के मंत्रालय प्रांगण में प्रति माह की एक तारीख को वन्देमातरम गाया जाता है भाजपा शासन में यह शुरू किया गया लेकिन 1 जनवरी 2019 को यह गान मंत्रालय के सामने नही हो पाया और मप्र की सियासत में विपक्ष ने खूब बवाल काटा।राजनीतिक गिरावट का पहलु तब सामने आया जब भाजपा कार्यकर्ता ही राष्ट्रगीत नहीं गया पाए एवं उसकी महत्ता का वही उन्हें ज्ञान नही था यह मीडिया के सामने पोल खुली।अब यह पूर्व नियोजित साजिश थी या अनजाने में हुआ अथवा सत्ता पक्ष का मंतव्य था हमने पड़ताल की और जो तथ्य सामने आए प्रस्तुत है. प्रत्येक माह की 1 तारीख को राष्टगीत गाया जाता है वह भी दिन के 11 बजे इस 1 जनवरी को प्रमुख सचिव इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से मुखातिब हुए और अपनी बात रखी ठीक 10 बज कर 36 मिनट पर एक पत्रकार ने प्रश्न पूछा कि आज राष्ट्रगीत नहीं हुआ इस पर प्रमुख सचिव का जवाब था मुझे जानकारी नहीं दिखवाता हूँ किसी अन्य पत्रकार को इस प्रश्न का ज्ञान नहीं था क्योंकि 11 बजे भी नहीं थे इसके बाद शुरू हुआ विपक्षी दल द्वारा हंगामे का दौर और पूरा मीडिया एवं सोशल मीडिया इसकी खबरों से भर गया लेकिन किसी का ध्यान नही गया कि आखिर 11 बजे होने वाले गान का प्रश्न 10:36 पर कैसे पूछा गया?
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