सिडनी टेस्ट : पुजारा, पंत के शतकों से भारत का विशाल स्कोर (राउंडअप)

सिडनी, 4 जनवरी (आईएएनएस)। चेतेश्वर पुजारा (193) और ऋषभ पंत (नाबाद 159) की बेहतरीन पारियों की मदद से भारत ने यहां सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) पर आस्ट्रेलिया के साथ जारी चौथे टेस्ट मैच के दूसरे दिन शुक्रवार को अपनी पहली पारी सात विकेट के नुकसान पर 622 रनों पर घोषित कर दी।

दिन का खेल खत्म होने तक मेजबान टीम ने बिना किसी विकेट के 24 रन बना लिए हैं। वह अभी भी मेहमान टीम से 598 रन पीछे है। स्टम्प्स तक सलामी बल्लेबाज मार्कस हैरिस 19 और उस्मान ख्वाजा पांच रन बनाकर खेल रहे हैं।

बल्लेबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर भारत ने जो यह स्कोर खड़ा किया है, वह इस मैदान पर उसके द्वारा बनाया गया दूसरा सर्वोच्च स्कोर है। इससे पहले उसने 2003-04 में इसी ग्राउंड पर सात विकेट खोकर 705 रन बनाए थे।

इस सीरीज में बल्ले से शानदार फॉर्म में चल रहे पुजारा हालांकि विदेशी जमीन पर अपना पहला दोहरा शतक लगाने से चूक गए। विदेशों में हालांकि यह उनका सर्वोच्च स्कोर है। वहीं युवा बल्लेबाज पंत ने इस मैच में शतक जमा इतिहास अपने नाम कर लिया। वह आस्ट्रेलियाई जमीन पर शतक लगाने वाले भारत के पहले विकेटकीपर हैं। इसी के साथ पंत ने एक और रिकार्ड अपने नाम किया है। वह उपमहाद्वीप के बाहर सबसे बड़ी पारी खेलने वाले एशियाई विकेटकीपर भी बन गए हैं। उनसे पहले यह रिकार्ड बांग्लादेश के मुस्ताफिजुर रहीम के नाम था, जिन्होंने 2017 में न्यूजीलैंड के वेलिंगटन में 159 रनों की पारी खेली थी। यह पंत का दूसरा टेस्ट शतक भी है। इससे पहले उन्होंने इंग्लैंड दौरे पर शतकीय पारी खेली थी।

पंत ने अपनी नाबाद पारी में 189 गेंदों का सामना किया और 15 चौकों के अलावा एक छक्का लगाया। पंत ने रवींद्र जडेजा (81) के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए 204 रनों की साझेदारी को अंजाम दिया। जडेजा को नाथन लॉयन ने बोल्ड कर इस साझेदारी को तोड़ा और इसी के साथ भारत ने पारी समाप्ति की घोषणा कर दी।

पंत और जडेजा के बीच की यह साझेदारी भारत के लिए सातवें विकेट के लिए दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। इससे पहले वीवीएस लक्ष्मण और अजय रात्रा ने 2002 में वेस्टइंडीज में सातवें विकेट के लिए 217 रनों की साझेदारी की थी। सातवें विकेट के लिए यह आस्ट्रेलिया में की गई सबसे बड़ी साझेदारी है।

भारत ने दिन की शुरुआत चार विकेट के नुकसान पर 303 रनों के साथ की थी। पुजारा और हनुमा विहारी (42) ने भारत के स्कोर को आगे बढ़ाया और धैर्य के साथ बल्लेबाजी की। इस साझेदारी को तोड़ने के लिए आस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन ने बदलाव किए, जो कारगर साबित हुआ। गेंदबाजी संभालने आए लॉयन की गेंद विहारी के हाथ से टकरा कर शॉर्ट लेग पर खड़े मार्नस लाबुस्छांग्ने के हाथों में जा समाई। इस पर हालांकि विहारी ने रिव्यू लिया, जो असफल रहा।

भारत ने पहले सत्र में विहारी के रूप में एक मात्र विकेट खोया और 86 रन अपने खाते में जोड़े। इस सत्र में विहारी के आउट होने से चार गेंद पहले पुजारा ने चौका मार अपने 150 रन पूरे किए थे। पंत और पुजारा ने पहले सत्र में कोई और झटका नहीं लगने दिया।

दिन के दूसरे सत्र में पुजारा अपने दोहरे शतक धीरे-धीरे कदम बढ़ रहे थे। इस बीच पंत ने आसानी से अपने पचास रन पूरे किए। इन दोनों बल्लेबाजों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही थी। पुजारा आराम से अपने दोहरे शतक की ओर बढ़ रहे थे। इसी बीच वह लॉयन की गेंद पर उन्हीं को कैच देकर विदेशी जमीन पर अपना पहला और कुल चौथा दोहरा शतक जमाने से चूक गए।

पुजारा का विकेट 418 के कुल स्कोर पर गिरा। उन्होंने अपनी पारी में 373 गेंदों का सामना करते हुए 22 चौके मारे। यहां से पंत और जडेजा ने अपने पैर जमा लिए। दूसरे सत्र का खेल खत्म होने तक भारत ने छह विकेट के नुकसान पर 491 रन बनाए।

दिन के आखिरी सत्र में इन दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से रन बटोरे। पंत ने तीसरे सत्र में 150वें ओवर की दूसरी गेंद पर मार्नस की गेंद पर चौका मार अपना दूसरा टेस्ट शतक पूरा किया। यहां से पंत ने अपने रुख में और तेजी अख्तियार की। जडेजा भी नहीं रुके और तेजी से रन बटोरने लगे। उन्होंने 160वें ओवर की चौथी गेंद पर लॉयन पर एक रन लेकर अपना अर्धशतक पूरा किया।

लग रहा था कि जडेजा भी अपना दूसरा टेस्ट शतक पूरा कर लेंगे, लेकिन वह लॉयन की गेंद पर निकल कर मारने के प्रयास में बोल्ड हो गए। जडेजा ने अपनी पारी में 114 गेंदों का सामना किया और सात चौकों के अलावा एक छक्का भी मारा।

आस्ट्रेलिया के लिए लॉयन ने चार विकेट अपने नाम किए। जोश हेजलवुड ने दो और मिशेल स्टार्क ने एक विकेट लिया।

भारत को यहां तक पहुंचाने में सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल की 77 रनों की पारी भी अहम रही। मयंक शतक पूरा नहीं कर सके और पहले दिन ही आउट हो गए।

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