नई दिल्ली, 30 जनवरी (आईएएनएस)। हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के पांचवें सीजन की दो फिसड्डी टीमें-दिल्ली डायनामोज और केरला ब्लास्टर्स गुरुवार को यहां जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आमने-सामने होंगी। इन दोनों टीमों के लिए प्लेऑफ की दौड़ समाप्त हो चुकी है लेकिन दोनों के लिए प्रतिष्ठा की जंग बची हुई है।
दिल्ली की टीम ने बीते सीजन भी खराब प्रदर्शन किया था। उसने हालांकि, पिछले सीजन के अंतिम मैच में चेन्नइयन एफसी को 3-1 से हराया था और अब उसकी कोशिश अपने बाकी बचे मैचों को जीतते हुए अंक तालिका में अपनी स्थिति सुधारने पर है।
दिल्ली के कोच जोसेफ गोम्बोउ ने कहा, “ब्रेक के बाद पहला मैच जीतना बहुत जरूरी है। हमने बीते साल का समापन चेन्नई के खिलाफ जीत से किया था। हमने बीते कुछ मैचों से काफी मेहनत की है और अब इस टूर्नामेंट में नए सफर के लिए फिर से उत्सुक हैं।”
गोल और अंक के लिए तरस रही दिल्ली की टीम ने ट्रांसफर विंडो के दौरान सक्रिय रही और आंद्रिजा कालूजेरोविक, प्रीतम कोटाल और सियाम हांगल को अपने से अलग किया। उसने मेक्सिको के अटैकिंग मिडफील्डर उलीस डाविला को अपने साथ जोड़ा है।
गोम्बोउ ने कहा, “प्रीतम कोटाल हमारे लिए अहम खिलाड़ी थे। वह हमारे कप्तान थे और अब तक खेले गए सभी 11 मैचों में शामिल थे लेकिन क्लब और खिलाड़ी को एटीके के साथ करार मिल गया। इस कारण अब हमें बाकी बचे खिलाड़ियों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।”
गोम्बोउ के खिलाड़ियों के लिए स्कोरिंग एक मसला रहा है। इस टीम काफी गोल खाए हैं और काफी कम गोल किए हैं। चेन्नई के खिलाफ मिली जीत इस सीजन की अब तक की पहली जीत है और यह टीम अपने घर में अब तक नहीं जीत सकी है। गोम्बोउ निश्चित तौर पर इसे लेकर चिंतित होंगे।
रोचक बात यह है कि दोनों टीमों ने 13-13 गोल किए हैं और 21-21 गोल खाए हैं। दिल्ली की टीम अगर जीत जाती है तो वह कम से कम इस मामले में केरल से आगे हो जाएगी।
बीते साल अक्टूबर में जब दोनों टीमें कोच्चि में भिड़ी थीं, तब मुकाबला बराबरी पर रहा था। कालूजेरोविक ने सीके विनीत के गोल की बराबरी करते हुए मेजबान टीम को अंक बांटने पर मजबूर किया था। अहम बात यह है कि दोनों टीमों के ये दो खिलाड़ी अब क्लब छोड़ चुके हैं। विनीत ने चेन्नई का दामन थामा है।
दिल्ली की तरह केरल ने भी ब्रेक के दौरान कई अहम बदलाव किए हैं। बी. बोडो गोकुलम केरला टीम से उससे जुड़े हैं जबकि एल. राल्ते ने एफसी गोवा से केरल का रुख किया है।
दिल्ली से इतर केरल की टीम ने ब्रेक के बाद एक मैच खेला है। नए कोच निलो विंगाडा की देखरेख में उसने ब्रेक के बाद अपने पहले मैच में अपने घर में एटीके को 1-1 से बराबरी पर रोका था।
विंगाडा ने कहा, “मेरा मानना है कि अब तक का परिणाम टीमों की साख के अनुरूप नहीं रहा है। मेरा पहला गेम मेरे यहां आने के दो दिनों अंदर हुआ। मैं मानता हूं कि खिलाड़ी अब मुझे बेहतर समझ रहे होंगे और मैं उन्हें पहले से बेहतर समझ रहा हूं।”
पिछले सितंबर में लीग के पहले मुकाबले में एटीके पर मिली जीत के बाद से केरल का सूखा खत्म नहीं हुआ है। अब जबकि उसका सामना एक और संघर्ष करती टीम है, उसे जीत की उम्मीद जगी है।
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