खराब प्रस्तुति के लिए मेरी आलोचना हो चुकी है : कनिका

मुंबई, 1 फरवरी (आईएएनएस)। ‘बेबी डॉल’ और ‘चिट्टियां कलाइयां’ जैसी फिल्मों के लिए पहचानी जाने वाली बॉलीवुड गायिका कनिका कपूर का कहना है कि उन्हें अपने करियर के प्रारंभ में एक खराब लाइव प्रस्तुति के लिए कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था, लेकिन उन्होंने इसमें महारत हासिल करने के लिए अपने शिल्प पर काम किया।

मुंबई, 1 फरवरी (आईएएनएस)। ‘बेबी डॉल’ और ‘चिट्टियां कलाइयां’ जैसी फिल्मों के लिए पहचानी जाने वाली बॉलीवुड गायिका कनिका कपूर का कहना है कि उन्हें अपने करियर के प्रारंभ में एक खराब लाइव प्रस्तुति के लिए कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था, लेकिन उन्होंने इसमें महारत हासिल करने के लिए अपने शिल्प पर काम किया।

एक कलाकार के रूप में उन्होंने कहा कि वह दर्शकों से गहरा जुड़ाव स्थापित करने का प्रयास करती हैं।

कनिका ने कहा, “मैंने लगातार कड़ी मेहनत की है। जिस तरह एक प्रतियोगी संगीत सीखता है। मुझे आलोचना से कोई दिक्कत नहीं है और मैं आलोचना से कुछ सीखी हूं, ताकि मैं अपने शिल्प पर काम कर सकूं।”

उन्होंने कहा, “मैं न केवल एक पाश्र्वगायक हूं, बल्कि प्रस्तुति देने वाली एक कलाकार भी हूं। लेकिन मेरे करियर की शुरुआत में लोग मेरे मुंह पर कहते थे कि खराब कलाकार है।”

कनिका ने इसे एक अहम मुद्दा नहीं बनाया।

उन्होंने कहा, “जब मैं बॉलीवुड में गाने के लिए आई और मेरा गाना सुपरहिट हो गया, मैंने स्टेज पर लाइव प्रस्तुति दी और मैं बहुत खराब लाइव परफॉर्मर थी। इसके बाद मैंने स्टेज परफॉर्मेस सीखा और अब दुनियाभर में कनिका कपूर लाइव दे रही है।”

उन्होंने कहा, “मुझे इसे ठीक करने में कई साल लग गए, लेकिन मैंने हार नहीं मानी। मैं निराश नहीं हुई। मुझे लगता है कि यह जीवित रहने, लगातार सीखने का तरीका है।”

गायिका रियलिटी टेलीविजन शो ‘द वॉइस ऑफ इंडिया-सीजन 3’ के लिए नई प्रतिभाओं को संवारने में व्यस्त हैं। इसका प्रसारण रविवार से टेलीविजन चैनल स्टार प्लस पर होगा।

शो में वह अदनान सामी और अरमान मलिक के साथ, वॉयस कोच के रूप में काम कर रही हैं।

परफेक्ट वॉयस की परिभाषा देते हुए कनिका ने कहा, “परफेक्ट एक मिथक है। कोई भी परफेक्ट नहीं है.. यह कनेक्ट, ह्यूमन कनेक्शन है। यदि आप एक कलाकार हैं -चाहे एक कहानीकार, एक गायक, एक डांसर, यदि आप दर्शकों के साथ जुड़ाव बना पाते हैं, तो आप सबसे अच्छे हैं।”

उन्होंने कहा, “यदि आप एक प्रेम गीत गा रहे हैं, तो श्रोताओं को प्यार महसूस होना चाहिए और गीत के जरिए भावना महसूस करनी चाहिए।”

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