चेन्नई, 16 मार्च (आईएएनएस)। तमलिनाडु के श्रीविल्लिपुथुर अंदल मंदिर के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि मंदिर की दीवारों पर श्रद्धालुओं द्वारा उकेरे गए कमल की आकृतियों वाले रूपांकनों को शायद उन लोगों ने खुद मिटाया है।
मंदिर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “श्रद्धालुओं ने रंगोली उकेरी थी। मंदिर प्रशासन इस बारे में कुछ नहीं कह रहा है। मंदिर के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह श्रद्धालुओं को उनकी आस्था के अनुरूप पूजन संबंधित विधियां करने दे।”
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कमल के फूल के रूपांकन वाली रंगोली मिटाए जाने पर आपत्ति जताई है। कमल का फूल पार्टी का चुनाव चिन्ह है।
मंदिर के अधिकारी ने कहा, “अगर चुनाव आयोग ऐसी रंगोली पर प्रतिबंध लगाना चाहता है तो उसे मंदिर प्रशासन को आधिकारिक सूचना भेजनी चाहिए।”
उनके अनुसार, मंदिर के निकट रहने वाले भक्तों ने कमल के फूल के रूपांकनों वाले कोलम (रंगोली) बनाए और उन लोगों ने फिर इसे मिटा दिया, क्योंकि किसी ने उनसे कहा कि ये रूपांकन लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माने जा सकते हैं।
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